19-एमडीयू में पीजीआईएमएस के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. ध्रुव चौधरी को सम्मानित करते एमएमटीटीसी के निदे
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रोहतक। कोविड-19 महामारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मानव, पशु और पर्यावरण का स्वास्थ्य एक-दूसरे से गहराई से जुड़ा हुआ है। एमडीयू में यूजीसी-एमएमटीटीसी के तहत वन हेल्थ विषय पर शुरू हुए दो सप्ताह के रिफ्रेशर कोर्स के उद्घाटन सत्र में पीजीआईएमएस के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. ध्रुव चौधरी ने यह बात कही।
डॉ. चौधरी ने कहा कि आज के दौर में संक्रामक रोग, वायु प्रदूषण और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी चुनौतियां तेजी से बढ़ रही हैं। इनसे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए मेडिकल, वेटरनरी और पर्यावरण विशेषज्ञों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।
मुख्य अतिथि डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एससी मलिक ने कहा कि आज की स्वास्थ्य समस्याएं किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं। मानव, पशु और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए बिना सतत विकास संभव नहीं है। एम्स, नई दिल्ली के पूर्व निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने वायु प्रदूषण के बढ़ते खतरे पर चिंता जताई। संवाद