बच्चे राह से न भटक न जाएं, इसके लिए स्कूलों और घरों में सेक्स एजुकेशन
पर बात करनी जरूरी है। अभिभावक भी इस मुद्दे पर अपने बच्चों से खुलकर बात
करें। यह बात अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने सोमवार को एमडीयू में सामाजिक
संस्था ‘ब्रेकथ्रू’ के कार्यक्रम में कही।
इस दौरान पत्रकारों से
बातचीत में उन्होंने कहा कि लड़कियों को काम के लिए बेहतर माहौल देना हर
संस्थान की जिम्मेदारी है। आज वह खुद भी फिल्म इंडस्ट्री में अपना अच्छा
आउटपुट दे पा रही हैं तो इसके पीछे मुख्य वजह सुरक्षित माहौल है।
पिछले
10-15 वर्षों में फिल्म इंडस्ट्री का माहौल बदला है। अब प्रॉड्यूसर,
निर्देशक और पर्दे के पीछे काम करने वाली टीम में भी काफी संख्या में
महिलाएं हैं। इस वजह से बदलाव भी आ रहा है। ब्रेकथ्रू का भी यही मिशन है कि
जितनी ज्यादा औरतें होंगी, यह दुनिया उनके लिए और भी बेहतर होगी।
औरत ही औरत की बड़ी दुश्मन
हुमा
ने कहा कि लंबे अरसे से पुरुष सत्ता समाज के चलते महिलाओं की रूढ़िवादी
मानसिकता बन गई है। इस वजह से एक औरत दूसरी औरत की बड़ी दुश्मन है। पर, अब
यह सोच बदलनी होगी। महिला और पुरुष दोनों की मानसिकता बदलने की जरूरत है।