रोहतक। एलिवेटेड ट्रैक के विस्थापितों को 6 साल बाद आशियाना मिलने की उम्मीद जगी है। 25 जुलाई को 67 विस्थापितों को प्लॉट देने के लिए नगर निगम ड्राॅ कराएगा। 23 जुलाई को एलओ ब्रांच में सहमति पत्र जमा होंगे। निगम ने प्लॉट को 12 श्रेणी में बांटा है, इसमें 95.67 वर्गगज का सबसे बड़ा व 45.38 वर्ग गज का सबसे छोटा प्लॉट है।
रोहतक-पानीपत वाया गोहाना रेलवे लाइन शहर के बीचोंबीच से गुजरती है। इसके चलते अकसर बजरंग भवन व शीला बाईपास के नजदीक फाटक बंद होने से सिविल रोड व बस स्टैंड रोड पर जाम की स्थिति रहती थी। वर्ष 2017 में रेलवे ने राज्य सरकार के साथ मिलकर रेलवे स्टेशन से लेकर राजीव गांधी स्टेडियम तक एलिवेटेड रेलवे ट्रैक बनाने का प्रोजेक्ट तैयार किया। 2018 में इसके लिए गांधी कैंप के 37 लोगों की दुकानें व 67 मकान तोड़े गए। दुकानदारों को पावर हाउस चौक के नजदीक विवेकानंद कॉम्पलेक्स में 57 दुकानें बना दी हैं, लेकिन प्लॉट अब तक वितरित नहीं किए गए हैं। तीन दिन पहले निगम आयुक्त ने नोटिस जारी कर विस्थापितों से 23 जुलाई तक सहमति पत्र मांगे थे ताकि 25 जुलाई को ड्राॅ किया जा सके।
यह है चिन्योट कॉलोनी में प्लॉट की स्थिति
प्लॉट साइज वर्ग गज में
35 71.55
08 51.33
06 45.38
04 77.44
04 62.63
03 54.90
02 67.55
02 47.77
01 95.67
01 73.87
01 61.72
यह तय किए गए हैं नियम
: निगम 30 हजार रुपये प्रति वर्ग देगा मुआवजा, जबकि 28 हजार रुपये प्रति गज देगा प्लॉट।
: एक तरफ की जमीन की रजिस्ट्री फीस निगम देगा, जबकि दूसरी तरफ रजिस्ट्री फीस भू-स्वामी देगा।
: जिस भू-मालिक की जमीन एलिवेहेड ट्रैक के किनारे मात्र 25 वर्ग गज या इससे कम बचती है तो उसे मुआवजा राशि या प्लॉट के लिए आवेदन करने का विकल्प है।
: अगर जमीन 25 वर्गगज या इससे ज्यादा बचती है तो वह सरकार की ओर से तय 30 हजार रुपये प्रति गज के हिसाब से मुआवजा ले सकता है।
: चिन्योट कॉलोनी में अलग-अलग साइज के प्लॉट हैं, ऐसे में आवेदक को प्लॉट साइज को लेकर प्राथमिकता लिखकर देनी होगी। एक से ज्यादा प्राथमिकताएं आने पर निगम ड्राॅ करवाएगा।
निगम की तरफ से 25 जुलाई को प्लॉट का ड्राॅ कराया जाएगा। सहमति पत्र देने वाले आवेदक का नाम ही ड्राॅ में शामिल होगा। 23 जुलाई शाम पांच बजे तक एलओ ब्रांच में सहमति पत्र जमा होंगे। सोमवार तक 30 से ज्यादा सहमति पत्र जमा हो चुके हैं।
संदीप बतरा, एलओ नगर निगम