रोहतक। किसान आंदोलन में जिले की खाप पंचायतें ढाल बनकर सामने आ रही हैं। हुड्डा खाप के बाद रविवार को नांदल खाप ने टीकरी बॉर्डर से पहले बहादुरगढ़ में रोहतक बाईपास पर टेंट लगा दिया। अब खापों ने ग्रामीणों से आग्रह किया है कि वे सुबह जाकर शाम को वापस घर नहीं आएं। राशन लेकर आंदोलन में शामिल हो और तीन से चार दिन रहकर आएं। हुड्डा खाप ने साफ किया है कि वे ग्रामीणों से चंदा नहीं लेंगे, बल्कि मर्जी से ग्रामीण राशन लेकर टेंट में आ सकते हैं।
प्रदेश के अंदर रोहतक सियासी तौर पर बेहद अहम जिला है, जहां खाप पंचायतों का काफी प्रभाव है। जिले के अंदर हुड्डा खाप के सबसे ज्यादा 24 गांव है। इसमें मुख्य तौर पर गांव सांघी, खिड़वाली, जसिया, किलोई, रुड़की, भालौठ, चमारिया, मकड़ौली व आसपास के गांव आते हैं, जो गढ़ी सांपला-किलोई हलके में आते हैं। हुड्डा खाप की तरफ से 28 नवंबर से ही टीकरी बॉर्डर से पहले बहादुरगढ़ शहर के बाहर रोहतक बाईपास के नजदीक सेक्टर 10 के कोर्ट रोड पर टेंट लगाया हुआ है। खाप के अध्यक्ष ओमप्रकाश हुड्डा खुद व्यवस्था देख रहे हैं। हर रोज ग्रामीण आंदोलन में शामिल होने जा रहे हैं। वहीं, ग्रामीण मकड़ौली टोल पर धरना दे रहे हैं।
महम में तपा सक्रिय, विधायक चला रहे टीकरी बॉर्डर पर रसोई
वहीं, महम हलके में किसी एक खाप का दबदबा नहीं है, लेकिन मोखरा तपा, सैमाण तपा, महम तपा के अलावा महम चौबीसी पंचायत हैं। सियासी तौर पर कई गांव आंदोलन में सक्रिय हैं। मदीना गांव के टोल पर आंदोलन के समर्थन में ग्रामीण धरना दे रहे हैं। निंदाना गांव में एक दिन पहले ग्रामीणों ने पंचायत की। तय किया कि किसान आंदोलन में सहयोग देने के लिए प्रति एकड़ 200 रुपये चंदा एकत्रित किया जाए। महम हलके से निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू पहले ही टीकरी बॉर्डर पर मंच के ठीक सामने रसोई चला रहे हैं। वहीं कलानौर व सांपला के आसपास के गांव भी आंदोलन में सक्रिय हैं।
नांदल खाप की तरफ से रविवार को बहादुरगढ़ में रोहतक बाईपास पर टेंट लगाया गया है, जहां रसोई शुरू कर दी गई है। खाप की तरफ से 11 सदस्यों की ड्यूटी टेंट में लगाई गई है। एक कार व एक बाइक मौके पर ही रहेंगी। किसी भी तरह की स्थिति में टेंट में कार्यरत ग्रामीण खाप के नेताओं के संपर्क में रहेंगे। वालंटियर बनने के लिए युवा खुद सामने आ रहे हैं। जिले में बोहर, गढ़ी बोहर व नांदल गांव में खाप का प्रभाव है। जबकि दादरी में दादरी तोय, झज्जर में महाराना, पानीपत में मढ़ाना व जाटल और कैथल में मानसा गांव भी नांदल खाप से जुड़े हैं। आंदोलन समर्थक ग्रामीणों से कहा गया है कि वे तीन-चार दिन का राशन लेकर टीकरी बॉर्डर पर जाएं। सरकार से मांग है कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाए।
-ओमप्रकाश नांदल, प्रधान, नांदल खाप
जिले में हुड्डा खाप के सबसे अधिक गांव है। खाप पहले से ही आंदोलन में शामिल है। 28 नवंबर को ही बहादुरगढ़ में सेक्टर 10 में कोर्ट रोड पर रोहतक बाईपास के नजदीक खाप का टेंट लगा दिया गया था। खुद प्रधान ओमप्रकाश हुड्डा पूरी व्यवस्था संभाले हुए हैं। खाप का हर गांव में संपर्क है। मौजिज लोगों से गांव-गांव में संपर्क किया जाता है। हर गांव में तीसरे या चौथे दिन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में ग्रामीण टीकरी बॉर्डर जा रहे हैं। ग्रामीणों से कहा गया है कि वे तीन से चार दिन बॉर्डर पर गुजारने के लिए राशन लेकर टीकरी बॉर्डर पर जाएं। चंदा नहीं लिया जाएगा।
-कृष्णलाल हुड्डा, महासचिव, हुड्डा खाप