झज्जर। जिले में लिंगानुपात में ऐतिहासिक सुधार दर्ज हुआ है। बीते अक्तूबर माह में जिले का लिंगानुपात 1070 तक पहुंच गया, जो पिछले दस वर्षों में सबसे बेहतर आंकड़ा है। यह उपलब्धि जागरूकता अभियानों का परिणाम है, जो पूरी तरह से समाज में बेटियों की संख्या बढ़ाने और लैंगिक समानता के प्रति जागरूकता लाने पर केंद्रित रहे हैं।
जिले का अक्तूबर महीने का लिंगानुपात 1070 रहा, जो पिछले एक दशक में किसी भी माह का सबसे उच्चतम स्तर है। इसके अलावा इसी वर्ष फरवरी महीने में भी जिले में लिंगानुपात 1066 रहा था। इस वर्ष जनवरी से अक्टूबर महीने तक का समग्र लिंगानुपात 909 है व बीते वर्षों से जिले के लिंगानुपात में लगातार सुधार हो रहा है। यहां बता दे कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लगातार भ्रूण लिंग जांच करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते रेड की जाती है। इस साल भी लगभग 13 रेड की जा चुकी हैं।
इन गांवों में गूंजी बेटियों की सर्वाधिक किलकारियां
जिले के गांव देवरखाना, बीड़ सुनार वाला, बिलोचपुरा, फतेहपुरी, सफीपुर में लिंगानुपात की स्थिति अक्तूबर महीने में सबसे बेहतर रही। वहीं जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा कम लिंगानुपात वाले गांवों में विशेष जागरूकता अभियान चलाने चलाए जाएंगे।
वर्जन
यदि कोई व्यक्ति गर्भ में लड़का-लड़की की लिंग जांच करवाने वाले की सूचना देता है तो सूचना की पुष्टि होने उपरांत सरकार की तरफ से सूचना देने वाले को एक लाख रुपये का इनाम दिया जाता है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि अगर ऐसी सूचना किसी व्यक्ति के पास है तो वह सीएमओ कार्यालय या फिर मोबाइल नंबर 7836922780 पर दे सकते हैं। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाती है।
डॉ. संदीप दलाल, नोडल अधिकारी, पीएनडीटी प्रोग्राम
वर्जन
जिला प्रशासन की ओर से लगातार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे अभियानों को प्राथमिकता दी जा है। महिला एवं बाल विकास की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। वह जिले की जनता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मचारियों की प्रशंसा करते हैं, जिन्होंने इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह बदलाव के प्रति सकारात्मक संकेत है और समाज के बदलते नजरिए को भी दर्शाता है।
प्रदीप दहिया, डीसी, झज्जर