शहर के सैनिक और मां-बहन के एकलौते सहारे का शव जब बुधवार को शहर आया तो हर किसी ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी। मां और बहन की आंखों से आंसू का सैलाब थमने का नाम नहीं ले रहा था।
तिरंगे में लिपटे शव को देखकर हर कोई फफक पड़ा। किसी ने परिवार वालों को सांत्वना दी तो किसी ने सैनिक के शव को देखकर सलामी दी। लेफ्टिनेंट नितेश को मुखाग्नि से पहले सैनिकों ने सशस्त्र सलामी देकर अंतिम विदाई दी।
बताया जा रहा है कि मंगलवार रात नितेश पेट्रोलिंग पर था और सुबह साढ़े चार बजे किसी अज्ञात वाहन ने बाइक पर सवार नितेश को टक्कर मार दी। इससे नितेश की मौत हो गई थी।
शहर के शिवाजी कॉलोनी के रहने वाले आचार्य जितेंद्र का एकलौता बेटा लेफ्टिनेंट नितेश कुछ समय पहले ही भारतीय सेना में शामिल होकर भंटिडा में तैनात था।
नितेश की शव यात्रा सुबह नौ बजे शिवाजी कॉलोनी स्थित निवास से निकाली गई। करीब दस बजे शव यात्रा वैश्य कॉलेज रोड स्थित श्मशान घाट पहुंची। सैकड़ों की भीड़ के बीच नितेश को अंतिम विदाई दी गई।
नितेश का दाह संस्कार आर्य समाज के विधि विधान के साथ किया गया। इस मौके पर आर्य समाज से जुड़े लोगों के अलावा, विधायक मनीष ग्रोवर, पूर्व विधायक बीबी बतरा, इनेलो नेता राजू सहगल सहित शहर के कई लोग मौजूद थे।
बस इन्हें नहीं मिला समय
जहां मां-बाप और बहन के एकलौते सहारे और शहर के सैनिक को विदाई देने के लिए पूरा शहर उमड़ा वहीं जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को समय नहीं मिल पाया।
जिला प्रशासन के किसी भी अधिकारी का विदाई में न पहुंचना लोगों में चर्चा का विषय रहा। वहीं जब इस मामले में डीसी से पूछा गया तो उन्होंने एसडीएम को भेजने की बात कही। हालांकि साढ़े दस बजे तक वह भी नहीं पहुंचे थे।