रोहतक। कांग्रेस कार्यकर्ता हिमानी नरवाल की हत्या की एसआईटी की जांच दूसरी बार भी लगभग पूरी हो गई है। विवेचना के दौरान कई बार हत्यारोपी सचिन से पुलिस अधिकारियों ने जेल में जाकर भी पूछताछ की, लेकिन वारदात में कोई दूसरे व्यक्ति का नाम सामने नहीं आया है। हर बार जांच सचिन तक ही जाकर रुक जाती है।
अब एसआईटी की ओर से जल्द ही जांच रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक को भेजी जाएगी। पुलिस ने तकनीकी रूप से भी उसके मोबाइल से लेकर लैपटॉप और सोशल मीडिया अकाउंट आदि की जांच पड़ताल की, लेकिन उसका किसी दूसरे व्यक्ति से लिंक नहीं मिल रहा है।
हिमानी हत्याकांड के बाद पुलिस ने हत्यारोपी सचिन को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन हिमानी के परिजन को संदेह था कि हत्या के पीछे पार्टी का कोई बड़ा नेता या फिर अन्य कोई व्यक्ति है। उन्होंने आरोप लगाया कि सचिन ने किसी के कहने पर उनकी बेटी हिमानी को मारा था। पुलिस ने एसआईटी का गठन किया था और उसी आधार पर जांच की, लेकिन परिजन संतुष्ट नहीं थे।
8 मार्च को बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आए थे। वहीं पर भाजपा के पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने हिमानी की मां सविता और भाई जतिन को मिलवाया था। उन्होंने दोबारा जांच की मांग की थी तो सीएम ने एसपी को पुन: जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद एसआईटी ने फिर से जांच की और कई बार हत्यारोपी सचिन से जेल जाकर पूछताछ की, लेकिन हर बार सचिन ने हत्या के लिए स्वयं को आरोपी बताया। उसने कहा कि रुपये के लेनदेन को लेकर ही उसे गुस्सा आ गया था और उसी दौरान तार से गला घोंटकर हत्या कर दी थी।
दूसरी ओर पुलिस ने हत्यारोपी के मोबाइल की लोकेशन और कॉल डिटेल से लेकर सोशल मीडिया अकाउंट आदि की कई बार जांच पड़ताल की, लेकिन इसमें भी कोई बाहरी व्यक्ति सामने नहीं आया है। जल्द ही एसआईटी की ओर से जांच रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक के समक्ष भेजी जाएगी। उसके बाद रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय भेजी जाएगी।
यह था मामला
कांग्रेस कार्यकर्ता हिमानी नरवाल की दोस्ती झज्जर के खेरपुर गांव निवासी सचिन उर्फ ढिल्लू से थी। उसी से रुपये का कुछ लेनदेन था और 28 फरवरी को दोनों के बीच कुछ विवाद हुआ तो उसी दौरान सचिन ने हिमानी की मोबाइल के चार्जर के तार से गला घोंटकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद मौके से फरार हो गया और रात में दोबारा आकर शव को सूटकेस में भरकर सांपला बस स्टैंड पर फेंक आया था। सूटकेस में मिले शव की कुछ घंटे में ही शिनाख्त हो गई थी। हत्यारोपी को सीसीटीवी कैमरे में सूटकेस में शव ले जाते हुए देखा गया तो दिल्ली के मुंडका से गिरफ्तार कर लिया था। उसी ने रुपये के लेनदेन को लेकर हत्या की बात कबूल की थी।
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हिमानी हत्याकांड का घटनाक्रम
-28 फरवरी को हिमानी को उनके विजय नगर स्थित घर पर सचिन ने मार डाला।
-1 मार्च को हिमानी का शव सूटकेस में सांपला बस अड्डे के पास पड़ा मिला।
-1 मार्च की शाम को सूटकेस में मिले शव की पहचान हिमानी के रूप में हुई।
-2 मार्च को पुलिस ने हत्यारोपी सचिन को चिह्नित किया और दबिश दी।
-3 मार्च को पुलिस ने हत्यारोपी को दिल्ली के मुंडका से गिरफ्तार किया।
-4 मार्च को पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर लेपटॉप बरामद किया
-5 मार्च को पुलिस ने हत्यारोपी सचिन को साथ लेकर सीन रिक्रिएट किया
-8 मार्च को हिमानी की मां सविता ने सीएम से मिलकर पुन: जांच की मांग की
हिमानी की हत्या के मामले में पुन: जांच की गई। मोबाइल और कॉल डिटेल समेत अन्य संसाधनों का भी प्रयोग किया गया। आरोपी से कई बार जेल जाकर भी पूछताछ की, लेकिन आरोपी अकेले ही हत्या करने की बात कह रहा है। इसमें बाहरी व्यक्ति का नाम सामने नहीं आया है।
रजनीश कुमार, डीएसपी/ एसआईटी नोडल अधिकारी।
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