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Mahendragarh-Narnaul News: सिविल अस्पताल में हाई वोल्टेज ड्रामा, एमएस धरने पर बैठे

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नारनौल। सिविल सर्जन कार्यालय में उस समय अधिकारी व कर्मचारियों के हाथ-पांव फूल गए, जब सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. धर्मेंद्र सांगवान दरी बिछाकर सीएमओ कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।
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उनका आरोप था कि अस्पताल के डॉक्टर व अन्य कर्मचारी उनकी नहीं सुनते हैं। दस मिनट बाद सीएमओ डॉ. रमेशचंद्र आर्य पहुंच गए और उनको धरने से उठाकर अपने कार्यालय में ले गए, जहां उनके साथ बातचीत की। सीएमओ ने एक दिन में सभी आ रही दिक्कतों को दूर करने का आश्वासन दिया। अभी यह मामला शांत ही हुआ था कि लगभग दो घंटे बाद फिर से एमएस डॉ. सांगवान दरी बिछाकर सीएमओ कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। सीएमओ व अन्य कर्मचारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। धरने के दौरान पूर्व स्टोर कीपर मृतक नरेंद्र के परिजन भी पहुंच गए। उनका आरोप था कि एमएस द्वारा स्टोर रूम का कमरा खोलकर उसका सामान लेने नहीं दिया जा रहा। इसे लेकर मृतक नरेंद्र के परिजन व चिकित्सा अधीक्षक के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद चिकित्सा अधीक्षक धरने पर बैठ गए। मृतक नरेंद्र के परिजनों का आरोप है कि बीते 15 दिन से चिकित्सा अधीक्षक उन्हें परेशान कर रहे हैं। वह जब भी एमएस के पास आते हैं तो वह रोने लग जाते हैं और नाटक करना शुरू कर देते हैं। मृतक नरेंद्र के परिजनों ने मांग की है कि जब भी स्टोर रूप का ताला खोला जाए तो उनके परिवार का सदस्य भी मौजूद रहना चाहिए। इसके लिए मृतक नरेंद्र के परिजनों ने लिखित में पत्र भी दिया हुआ है।

परिजनों ने बनाई वीडियो
सिविल अस्पताल में हुए इस हंगामे की मृतक नरेंद्र के परिजनों ने वीडियो बना दी। इसमें एमएस द्वारा धरना दिया जा रहा है। इसके अलावा उसे जबरदस्ती धरने से उठाने की रिकार्डिंग दर्ज की गई।
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एमएस ने डॉक्टरों, कर्मियों से मांगे हैं स्पष्टीकरण
पिछले कुछ दिनों से एमएस की ओर से कार्यों को लेकर डॉक्टरों व कर्मियों की ड्यूटी लगाई थी, लेकिन उन द्वारा उसे पूरा नहीं किया गया। इसके चलते एमएस द्वारा कुछ डॉक्टरों व कर्मियों से स्पष्टीकरण भी मांग रखा है। यही नहीं स्टोर कीपर की ड्यूटी के लिए भी एमएस की ओर से ऑर्डर जारी किए गए थे, लेकिन तीन कर्मचारियों द्वारा उसे मानने से इंकार कर दिया था। इस पर एमएस ने सीएमओ को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा था।

डॉक्टरों की कमेटी के सामने खुला स्टोर
पूरे घटनाक्रम के बाद परिजनों की मांग पर अस्पताल प्रशासन द्वारा गठित तीन डॉक्टरों की कमेटी के समक्ष स्टोर रूम खोला गया। जहां परिजनों ने मृतक नरेंद्र के सामान को देखा। वहां कुछ पासबुक के अलावा कुछ नहीं मिला। बाकी सरकारी सामान था। इसके बाद मृतक के परिजन संतुष्ट नजर आए और वापस चले गए।



सीसीटीवी फुटेज की मांग कर रहे मृतक के परिजन


मृतक नरेंद्र के परिजनों ने सात से आठ अगस्त के बीच की नागरिक अस्पताल से सीसीटीवी फुटेज देने की मांग की थी, इसके लिए थाना शहर के एसएचओ को पत्र भी लिखा था। बता दें कि नागरिक अस्पताल के स्टोर कीपर नरेंद्र कुमार का स्टोर रूप में शव मिला था, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर के अंदर लगे सीसीटीवी फुटेज के एसएचओ को शिकायत दी थी।





चिकित्सा अधीक्षक की कोई समस्या है तो उसे जल्द ही दूर किया जाएगा। सिविल कार्यालय की तरफ से चिकित्सा अधीक्षक की हर संभव मदद की जा रही है। सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को तालमेल बनाकर कार्य करना चाहिए।
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डॉ. रमेश चंद्र आर्य, सिविल सर्जन नारनौल।
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