रोहतक। पंजाब व चंडीगढ़ के साथ हरियाणा में भी हाईकोर्ट ने बुधवार को जिला बार के ऑनलाइन चुनाव पर रोक लगाते हुए प्रक्रिया रद्द कर दी। इतना ही नहीं, पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल ने हाईकोर्ट के फैसले से पहले ही रोहतक बार के चुनाव की प्रक्रिया 20 सितंबर तक रोक दी थी। साथ ही स्पेशल आर्ब्जवर नियुक्त कर पूरी रिपोर्ट मांगी थी। पूरे घटनाक्रम के चलते चुनाव अधिकारी अरविंद श्योराण ने नामांकन दाखिल करने पहुंचे वकीलों के नामांकन नहीं लिए।
चुनाव अधिकारी ने बताया कि दोपहर बार काउंसिल के चेयरमैन का पत्र उनके पास पहुंचा। पत्र में बताया गया कि रोहतक बार के दो वकीलों मनीष सैनी व गोविंद बाल्याण ने पत्र भेजकर निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग की थी। इसके अलावा चुनाव अधिकारी ने बताया था कि हाउस ने प्रस्ताव पास कर ऑनलाइन चुनाव न कराने की मांग की थी। पूरे हालात की समीक्षा के लिए बार कौंसिल ने रोहतक बार के लिए एक स्पेशल आर्ब्जवर नियुक्त करने का निर्णय लिया है, जो 20 सितंबर तक अपनी रिपोर्ट बार काउंसिल को देगा। जब तक रोहतक बार के चुनाव की प्रक्रिया स्थगित की जाती है। ऐसे में चुनाव अधिकारी ने नामांकन नहीं लिया।
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हाईकोर्ट की बार एसोसिएशन ने दो सदस्यीय खंडपीठ के सामने एक दिन पहले पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल द्वारा करवाए जा रहे ऑनलाइन चुनाव पर रोक लगाने के लिए याचिका दायर की थी। बुधवार को खंडपीठ ने याचिका स्वीकार कर ली। इससे साफ है कि ऑनलाइन चुनाव के लिए जो चुनाव कार्यक्रम बार काउंसिल ने भेजा था, उस पर रोक लग गई है।
-कर्णजीत सिंह, चेयरमैन पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल।
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हाईकोर्ट द्वारा ऑनलाइन चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने की सूचना है। बार काउंसिल ने हाईकोर्ट के फैसले से पहले रोहतक बार की चुनाव प्रक्रिया पर 20 सितंबर तक रोक लगा दी थी। साथ ही रोहतक बार के दो वकीलों की अर्जी पर स्पेशल आर्ब्जवर नियुक्त किए हैं, जो हाउस द्वारा पास प्रस्ताव व दूसरी स्थिति पर काउंसिल को रिपोर्ट देंगे।
-एडवोकेट अरविंद श्योराण, चुनाव अधिकारी जिला बार।
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फिलहाल मौजूद कार्यकारिणी करती रहेगी काम
ऑनलाइन चुनाव न कराने के लिए हाउस ने प्रस्ताव करके भेजा था। बार काउंसिल ने हाईकोर्ट के फैसले से पहले ही रोहतक बार के चुनाव पर 20 सितंबर तक रोक लगा दी थी। काउंसिल की तरफ से नियुक्त आर्ब्जवर अब तथ्यों की जांच कर अपनी रिपोर्ट देंगे। हालांकि अब हाईकोर्ट ने 9 सितंबर को जारी चुनाव नोटिफिकेशन को ही रद्द कर दिया है। इससे मौजूदा कार्यकारिणी काम करती रहेगी।
-लोकेंद्र फौगाट उर्फ जोजो, प्रधान जिला बार
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हाईकोर्ट ने ऑनलाइन चुनाव प्रक्रिया को रद्द कर दिया है। जब भी ऑनलाइन या ऑफलाइन चुनाव होंगे, मैं प्रधान का चुनाव लडूंगा। साथ ही वकीलों के हित के लिए आवाज उठाता रहूंगा।
-उमेश भारद्वाज, पूर्व प्रधान जिला बार।