पश्चिमी विक्षोभ का असर दिख रहा है। पहाड़ों पर बर्फबारी, शीतलहर और बीते दिन हुई बारिश ने ठंड में तड़का लगा दिया है। इसके कारण अधिकतम और न्यूनतम तापमान में महज 4 डिग्री का अंतर रह गया है।
मंगलवार को सूर्यदेव करीब दोपहर 1 बजे निकले। शीतलहर के कारण सूर्यदेव की तपिश बेअसर रही। इसके कारण लोगों ने बाहर आकर धूप सेंकने के बजाय घर पर ही रहना पसंद किया। जरूरतमंद लोग सड़कों पर ठंड में ठिठुरते नजर आए।
मंगलवार को अधिकतम तापमान 15.7 और न्यूनतम तापमान 11.8 दर्ज किया गया, लेकिन ठंड का अहसास इससे कहीं ज्यादा हुआ। वर्ष 2021 व 22 से करीब एक डिग्री 7 जनवरी का न्यूनतम तापमान कम रहा। वहीं, वर्ष 2015 से 2022 तक के अधिकतम तापमान की तुलना में 7 जनवरी 2025 का दिन सबसे ठंडा रहा।
मौसम विभाग के अनुसार, 10 जनवरी तक मौसम आमतौर पर खुश्क बना रह सकता है। इस दौरान उत्तरी व उत्तर पश्चिमी ठंडी हवा चलने से रात के तापमान में गिरावट हो सकती है। आगामी तीन दिनों तक अलसुबह धुंध छाये रहने की संभावना है। वहीं पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से 10 जनवरी रात से हवा में बदलाव हो सकता है। इससे उत्तर पूर्वी हवा चलने की संभावना बनेगी। वहीं 11 व 12 जनवरी को मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील रहने और राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की भी संभावना बन रही है। 13 जनवरी से मौसम आमतौर पर खुश्क व सर्द संभावित है।
10 जनवरी से और बढ़ सकती है ठंड
10 जनवरी की रात से मौसम में बदलाव संभावित है। तेज हवा चलने अत्यधिक ठंड बढ़ सकती है, साथ ही हल्की बारिश भी हो सकती है। पहाड़ों की बर्फबारी से शीतलहर में बढ़ोतरी हो सकती है।
असहायों को ठंड में आ रही परेशानी
ठंड का असर जरूरतमंदों पर अधिक पड़ रहा है। कामगारों को काम कम मिल रहा है तो वहीं रेहड़ी वालों को देर से घर से निकलकर जल्दी घर पहुंचना पड़ रहा है। असहाय व जरूरतमंद निशुल्क रैन बसेरा की जानकारी न होने के कारण पीजीआई परिसर में सड़क के डिवाइडर पर कंबल के सहारे ठंड में ठिठुरने को मजबूर हैं।
7 जनवरी का पिछले दस साल का तापमान
वर्ष अधिकतम न्यूनतम
जनवरी 2024 13.3 8.6
जनवरी 2023 12.2 4
जनवरी 2022 19.8 12.0
जनवरी 2021 16.8 12.8
जनवरी 2020 17.8 9.2
जनवरी 2019 17.8 8.8
जनवरी 2018 21.5 5.0
जनवरी 2017 21.0 11.0
जनवरी 2016 24.0 11.0
जनवरी 2015 22.0 07.0