रोहतक। जिला परिषद के पांच पार्षदों को डी-बार किए जाने के मामले में वीरवार को सुनवाई हुई। आयुक्त एवं सचिव हरियाणा सरकार पंचायत एवं विकास विभाग चंडीगढ़ ने केस की सुनवाई करते हुए 11 नवंबर को अगली सुनवाई का समय दिया है। इसी दिन मामले में अंतिम बहस होगी।
वीरवार को आयुक्त के सामने पार्षदों को डी-बार करने का केस रखा गया। यहां मामले में किसी तरह की गवाही या बहस नहीं हुई। केस में दोनों पक्षों की ओर से हाजिरी लगी। इसके बाद सुनवाई के लिए अगली तिथि जारी कर दी। पार्षदों की ओर से उनके वकील व चेयरपर्सन ने आयुक्त के समक्ष व्यक्तिगत रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। चेयरपर्सन मंजू हुड्डा ने बताया कि अब केस में अगली सुनवाई पर ही अंतिम बहस होगी।
यह है मामला
जिला परिषद की 26 जुलाई को बैठक हुई थी। इसमें पार्षदों ने जमकर हंगामा किया था। इसके चलते चेयरपर्सन ने पांच पार्षदों को डी-बार किया था। ये पार्षद फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट चले गए। उन्होंने 14 में से 10 पार्षदों के चेयरपर्सन के खिलाफ होने की बात कही। इस पर बैठक कर अविश्वास प्रस्ताव लाने का भी प्रयास किया गया।