झज्जर। शहरवासियों को नव वर्ष के आसपास चार नई काॅलोनियों के वैध होने का तोहफा मिल सकता है। इसके लिए स्थानीय शहरी निकाय निदेशालय की तरफ से शहर की चार कॉलोनियों की जानकारी मांगी है। इसमें देव नगर एक्सटेंशन, लालचंद काॅलोनी, नीम वाली जय हिंद काॅलोनी और मारुति काॅलोनी एक्सटेंशन शामिल हैं। इससे करीब दस हजार के करीब लोगों को लाभ मिलेगा।
नगर परिषद प्रशासन की तरफ से स्थानीय शहरी निकाय निदेशालय के पास चार कॉलोनियों को नियमित करने की फाइल नक्शों सहित जमा करवा दी है। चारों काॅलोनियों के वैध होने से लगभग 10 हजार की आबादी को फायदा मिल सकेगा। इन काॅलोनियों के वैध होने के बाद वहां पर गलियों, सीवरेज, पेयजल, बिजली की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा। देव नगर एक्सटेंशन, लालचंद काॅलोनी, नीम वाली जय हिंद काॅलोनी और मारुति काॅलोनी एक्सटेंशन काॅलोनियों के लोग पिछले एक साल से अपनी काॅलोनी के वैध होने का इंतजार कर रहे हैं। पिछले साल भी इन काॅलोनियों के नाम लिस्ट में भेजे गए थे, लेकिन तकनीकी खामी के कारण इनकी फाइल रिजेक्ट हो गई थी और दोबारा सर्वे कर नक्शा भेजने को कहा गया था। एक साल से सर्वे, नक्शा की प्रक्रिया को पूरा किया गया। अब मुख्यालय में फाइल दोबारा जमा करवा दी गई है।
रहणिया काॅलोनी व सिलानी गेट काॅलोनी का एरिया भी होगा कवर
पहले वैध हुई रहणिया काॅलोनी व सिलानी गेट काॅलोनी का कुछ एरिया कवर होने से वंचित रह गया था। इसमें लगभग 15 पॉकेट ऐसे हैं, जो वैध होने में कवर नहीं हो सके। प्रत्येक पॉकेट में लगभग 250 से 300 घर शामिल हैं। ऐसे में इनकी कमियों को दूर कर इनको भी वैध होने वाली काॅलोनियों की सूची में शामिल करवाया गया है। यहां के भी लोगों को जल्द ही राहत मिल सकती है।
पिछले साल भी अक्तूबर में सरकार ने 32 कॉलोनियों को किया था वैध
नगर परिषद ने पिछले साल अक्तूबर में शहर की 32 काॅलोनियों को वैध किया था। जींद के बाद झज्जर शहर ऐसा था, जहां सबसे ज्यादा काॅलोनियां वैध हुई थी। अब इन काॅलोनियों में विकास कार्य कराए जाने हैं। यहां पर फिलहाल गलियों के निर्माण के लिए नगर परिषद ने टेंडर लगाए थे। कुछ गलियों का काम शुरू हो चुका है और कुछ का इसी माह वर्क अलॉट किया जाएगा। इसके बाद गलियों का निर्माण कार्य तेजी पकड़ेगा।
वर्जन
शहर की कुछ कॉलोनियां वैध होनी हैं। उनकी फाइल मुख्यालय के पास जमा करवा दी गई है। उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इन काॅलोनियों के लोगों को तोहफा देगा। वैध होने के बाद विकास कार्यों को आसानी से करवाया जा सकेगा।
- जिले सिंह सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद, झज्जर