कर्मचारियों ने सरकार से कच्चे कर्मचारियों को भी सरकारी बनाने की मांग की है। मांग न मानने पर रैली के अंत में चरणबद्ध तरीके से आंदोलन घोषणा की जाएगी। पुरानी आईटीआई मैदान में काफी संख्या में लोग पहुंचे हैं।
हरियाणा के रोहतक में नगर पालिका कर्मचारी संघ के आह्वान पर रविवार को रोहतक के पुराने आईटीआइ मैदान में प्रदेशभर के सफाई कर्मचारी जुटे। सरकार से प्रदेश सरकार से कच्चे कर्मचारियों को सरकारी करने की मांग की। साथ ही मांग पूरी न करने पर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन की चेतावनी दी। प्रदेश के यमुनानगर से लेकर सिरसा, फरीदाबाद तक से कर्मचारी रोहतक पहुंचे हैं।
विज्ञापन
मंच पर पहुंचे नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रधान नरेश शास्त्री ने कहा कि सफाई कर्मियों का शोषण किया जा रहा है। ठेका प्रथा समाप्त करने के नाम पर हरियाणा कौशल रोजगार निगम प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में शामिल कर पक्का होने व समान काम समान वेतन का अधिकार छीन लिया है और न्यायालय से न्याय मांगने का रास्ता भी बन्द कर दिया है।
विज्ञापन
कहा कि गुरुग्राम के 3480 व रोहतक के 500 सफाई कर्मचारियों सहित अलग-अलग पालिकाओं, परिषदों, नगर निगमों व अग्निशमन केंद्रों के 5000 कर्मचारियों की छंटनी कर बेरोजगार बना दिया है। न्यूनतम वेतन 10 हजार तथा अधिकतम वेतन 1 लाख 88 हजार रुपये से ज्यादा है। इस तरह वेतनमानों में भारी असमानता से कर्मचारी नाराज हैं। न्यूनतम वेतन 1 : 7 के अनुपात में 26000 ₹ किया जाना चाहिए तथा तृतीय चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों में भी वेतन विसंगतियां दूर करते हुए बढ़ोतरी की जाए।
समझौतों में मानी गई मांगो को लागू कर जारी किए गए पत्रों को लागू करवाया जाए तथा नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के 24 सूत्रीय मांग पत्र का समाधान करे व छंटनीग्रस्त कर्मचारियों को ड्यूटी पर वापस ले तथा अग्निशमन विभाग को पुनः शहरी स्थानिय निकाय विभाग में शामिल करने व 1327 फायरमैनों तथा ड्राइवर को फायर ऑपरेटर कम ड्राइवर के पदों पर समायोजित कर पक्का करें। रैली के अंत में मंच से चरणबद्ध तरीके से आंदोलन की घोषणा की जाएगी।