हरियाणा के रोहतक के मायना गांव निवासी अमित पंघाल ने ओलंपिक कोटा हासिल कर लिया है। किसान के बेटे अमित ने दूसरी बार ओलंपिक कोटा हासिल किया है। अमित ने मैच जीतने के बाद साई, बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया व अपने कोच का धन्यवाद किया। उन्होंने अपने कोच अनिल धनखड़ का भी धन्यवाद किया।
दूसरी बार ओलंपिक कोटा पाने पर बॉक्सर अमित पंघाल के घर जश्न
रविवार को थाइलैंड में ओलंपिक क्वालीफाई खेलों में शानदार प्रदर्शन कर अपना पेरिस टिकट पक्का कर लिया। पिछले ओलंपिक में 9वें स्थान पर रहे अमित को पदक हासिल करने के लिए टॉप चार खिलाड़ियों में नाम दर्ज कराना होगा। इसके लिए कड़ी मेहनत जारी है।
रविवार दोपहर बाद मायना स्थित अमित पंघाल के घर पर मौजूद परिवार के सदस्य खुशी से झूम उठे। अमित के ओलंपिक में खेलने की खबर से घर में खुशियों की लहर दौड़ गई।परिवार का हर सदस्य लाडले की उपलब्धि से फूला नहीं समा रहा था। मायना निवासी बिजेंद्र सिंह ने बताया कि बेटे अमित ने दूसरी बार ओलंपिक का टिकट हासिल किया है।
यह सभी के लिए गर्व की बात है। इससे परिवार या गांव ही नहीं रोहतक का मान बढ़ा है। इसके लिए अमित ने कड़ी मेहनत की है। उसने अनगिनत मुश्किलों व बाधाओं को हरा कर यह खुशी हासिल की है। उसने धैर्य के साथ सभी बाधाओं का सामना करते हुए अपने खेल पर ध्यान रखा। कभी विचलित नहीं हुआ। इसके चलते पुरुषों के 51 किलोग्राम भार वर्ग में पेरिस ओलंपिक कोटा देश को दिला पाया है। अब तक ओलंपिक कोटा जीतने वाला अमित 5वां भारतीय है। हमें उस पर नाज है। पिछले वर्ष वह चूक गया था। इस बार पदक पक्का है।
नौवें स्थान पर रहा थे पिछली बार
अमित पिछले ओलंपिक में नौवें स्थान पर रहा था। उन्हें पदक प्राप्त करने के लिए टॉप चार खिलाड़ियों में जगह बनानी होगी। इसके लिए शुरू से ही शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए आगे बढ़ना होगा। टॉप चार में आने के बाद पदक का रंग बदलने पर जोर रहेगा। इस बार बॉक्सिंग में देश की झोली में एक पदक जरूर आएगा। इसका रंग बदलने को लेकर अमित का हर संभव प्रयास रहेगा।