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Haryana: हुड्डा के गढ़ में कांग्रेस के सामने भाजपा की चुनौती, जानिए क्या है सीटों के समीकरण

Mon, 23 Sep 2024 01:26 PM IST
भूपेंद्र सिंह ज्ञानेन्द्र कुमार, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)

सार

गढ़ी सांपला किलोई में भूपेंद्र सिंह हुड्डा चुनाव लड़ रहे हैं। महम में राधा का मुकाबला भी रोचक होगा। रोहतक में पंजाबी वोट बैंक के साथ जाट मतदाता जीत का आधार बन सकते हैं। 
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पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हरियाणा के रोहतक जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों का नामांकन वापसी के बाद राजनीतिक परिदृश्य काफी हद तक साफ  गया है। चार हलकों में कुल 56 प्रत्याशी मैदान में रह गए हैं। सोमवार को रोहतक शहर व महम के दो-दो निर्दलीय प्रत्याशियों ने नाम वापस लिए। इसके बाद महम को छोड़कर तीन विधानसभा सीट पर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने है।

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लाडवा के बाद प्रदेश की दूसरी सबसे बड़ी हाॅट सीट सढ़ी सांपला किलोई है। यहां से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। वे खुद और उनके बेटे सांसद दीपेंद्र हुड्डा स्टार प्रचारक भी हैं। महम विधानसभा सीट जाट बनाम जाट होगी। कुंडू और दांगी एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दे सकते हैं। भाजपा की बागी जाट प्रत्याशी राधा अहलावत भाजपा का पारंपरिक वोट काटेंगी, जिसका नुकसान भाजपा प्रत्याशी दीपक हुड्डा को हो सकता है। रोहतक सीट पर सीधी लड़ाई भाजपा-कांग्रेस के बीच है।

पंजाबी बहुल सीट से पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर और निवर्तमान विधायक बीबी बतरा फिर मैदान में हैं। इस सीट पर पंजाबी वोट बंटेगा और यह तय माना जा रहा है कि अधिकतर जाट वोट हुड्डा के नाम पर कांग्रेस के खाते में ही आएगा। 1967 में अस्तित्व में आई सुरक्षित कलानाैर विधानसभा सीट पर कुल 13 चुनाव हो चुके हैं। इनमें 7 बार महिला प्रत्याशी ने बाजी मारी है। चार बार करतार देवी और तीन बार शकुंतला खटक जीती हैं। निवर्तमान विधायक शकुंतला खटक इस बार भी कांग्रेस के टिकट पर मैदान में हैं।   

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बड़े गांव बनेंगे हुड्डा की जीत का आधार
गढ़ी सांपला किलोई हलके का गांव सांघी हुड्डा का पैतृक निवास है। कहा जाता है कि जसिया, रिठाल, किलोई, मकड़ाैली, चमारिया, गढ़ी सांपला, सांपला, ईस्माइला, भालाैट ये सब ऐसे क्षेत्र हैं, जहां हुड्डा प्रचार करने न भी जाएं तो भी वोट उन्हीं के खाते में आने की उम्मीद है। ये गांव हुड्डा के गढ़ कहे जाते हैं। ये सभी बड़े गांव हुड्डा की जीत का बड़ा कारण बनते हैं। 1967 में बना किलोई विधानसभा क्षेत्र 2009 में हुए परिसीमन के बाद गढ़ी सांपला किलोई विधानसभा क्षेत्र में बदल गया। इसमें तीन बार 2009, 2014 और 2019 में चुनाव हो चुके हैं। तीनों ही बार भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की। इस बार इस सीट पर कुल 14 नामांकन हुए। तीन नामांकन रद्द हुए। इस सीट पर किसी भी प्रत्याशी ने नाम वापस नहीं लिया है। अब मैदान में कुल 9 दावेदार रह गए हैं। हुड्डा के अलावा जिला परिषद की चेयरपर्सन मंजू हुड्डा यहां भाजपा से प्रत्याशी हैं। मंजू हुड्डा मैदान में जरूर हैं, लेकिन वे खुद प्रेस काॅन्फ्रेंस कर हुड्डा से आशीर्वाद लेने की बात कह चुकी हैं। दोनों जाट प्रत्याशी होने बावजूद यहां वोट का बंटवारा होना मुश्किल होगा। भाजपा किन हलकों में कांग्रेस को टक्कर देगी, यह देखना भी रोचक होगा। आम आदमी पार्टी से प्रवीण गुसखानी, जजपा-आसपा से सुशीला देशवाल और इनेलो-बसपा ने कृष्ण काैशिक को उम्मीदवार बनाया है। 

बलराज कुंडू - फोटो : संवाद
वोट बिखरेंगे, कांटे की होगी टक्कर
महम पहली ऐसी विधानसभा सीट बनकर उभरी है, जहां मुकाबला चतुष्कोणीय होगा। भाजपा से खिलाड़ी दीपक हुड्डा, कांग्रेस से बलराम दांगी के अलावा हरियाणा जनसेवक पार्टी (हजपा) से बलराज कुंडू और अब भाजपा की बागी निर्दलीय प्रत्याशी राधा अहलावत भी मैदान में हैं। बलराज कुंडू निवर्तमान विधायक हैं। उन्होंने दोबारा ताल ठोकी है, जबकि राधा अहलावत का चुनाव चिह्न कैंची कई प्रत्याशियों के वोट काटने के साथ उन्होंने भी मजबूती से लड़ाएगी। महम कांड से चर्चित हुए आनंद सिंह दांगी के बेटे बलराम दांगी के पीछे पूरा राजनीतिक वोट बैंक है और दीपक हुड्डा भारतीय कबड्डी टीम के पूर्व कप्तान हैं। खेल प्रेमियों के लिए वे पक्के खिलाड़ी हैं। इनेलो-बसपा से हवा सिंह उम्मीदवार हैं, जबकि जजपपा-आसपा ने कोई प्रत्याशी नहीं उतारा है। आम आदमी पार्टी ने विकास नेहरा को उम्मीदवार बनाया है। महम विधानसभा सीट पर कुल 25 लोगों ने नामांकन दाखिल किए। इनमें चार नामांकन रद्द हो गए। अब 19 प्रत्याशी मैदान में हैं।

पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर - फोटो : अमर उजाला
रोहतक में भाजपा-कांग्रेस फिर आमने-सामने
रोहतक शहर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा-कांग्रेस के दोनों धुरंधर फिर आमने-सामने हैं। भाजपा से पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर और कांग्रेस से निवर्तमान विधायक बीबी बतरा मैदान में हैं। पंजाबी बहुल रोहतक में दोनों प्रत्याशी पंजाबी हैं, इसलिए दोनों प्रत्याशी पंजाबी वोट साधने की जुगत में हैं। हुड्डा खेमे के अति चर्चित निवर्तमान विधायक बीबी बतरा शहर का जाट वोट बैंक अपने खाते में आने पर आश्वस्त है तो पंजाबी वोट बैंक दोनों के बीच बंटने की उम्मीद है। मनीष ग्रोवर अपने हिस्से के अलावा अन्य पंजाबी वोट काे अपने खाते में करने के लिए जुटे हुए हैं। बीबी बतरा 2009 में भी कांग्रेस से विधायक चुने गए थे, जबकि 2014 में मनीष ग्रोवर ने भाजपा के टिकट से चुनाव जीता था। टिकट मिलने से पहले भी दोनों खेमे पर्चे बांटने के मामले में आमने-सामने आ चुके हैं। एलिवेटेड रोड शहर का मुख्य मुद्दा है, जिसे दोनों दल भुनाने में लगे हैं। आम आदमी पार्टी से बिजेंद्र हुड्डा, जजपा-आसपा से जिमेंद्र बल्हारा और इनेलो-बसपा से दिलावर मेहरा प्रत्याशी हैं। इस सीट पर कुल 23 प्रत्याशियों ने नामांकन किए हैं। नाम वापसी के बाद 4 नामांकन रद्द हाे गए। अब चुनावी मैदान में कुल 15 उम्मीदवार मैदान में हैं।
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कलानाैर सीट पर भाजपा-कांग्रेस में टक्कर
कलानाैर विधानसभा सीट पर भाजपा और कांग्रेस की सीधी टक्कर होगी। दोनों महिला प्रत्याशी हैं। कांग्रेस से पूर्व मेयर रेनू डाबला भाजपा में शामिल हो गई थीं। इस समय भाजपा ने उन्हें उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारा है। उन्हें भाजपा के साथ ही कांग्रेस के अपने वोट बैंक पर भी विश्वास है, यही उनकी मजबूती है। दूसरी तरफ उनका सीधा मुकाबला निवर्तमान विधायक शकुंतला खटक से होगा। हैट्रिक बना चुकीं शकुंतला खटक चाैथी बार जीतने के लिए मैदान में उतरी हैं। आम आदमी पार्टी से नरेश बागरी, जजपा-आसपा से महेंद्र सुडाना और इनेलो-बसपा से पूनम यहां जीतने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। सुरक्षित कलानाैर सीट पर कुल 16 नामांकन हुए। इनमें 2 नामांकन रद्द हुए। किसी भी प्रत्याशी ने नाम वापस नहीं लिया। अब चुनाव मैदान में 13 उम्मीदवार लड़ेंगे।
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