डंकी रूट से अमेरिका भेजने व नौकरी दिलाने के आरोपी एजेंट के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। चिड़ी निवासी संदीप ने 65 लाख रुपये में अमेरिका की सीमा पार कराने और वहां नौकरी दिलाने के नाम पर रुपये वसूलने की शिकायत दी है।
इसके तहत पहली किस्त के रूप में 40 लाख रुपये सोनीपत के मुरथल रोड स्थित एक ढाबे के पास कार में लिए गए। दूसरी किस्त के 25 लाख रुपये मैक्सिको सीमा पार होने के बाद आईएमटी सोनीपत के पास दिए गए। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
संदीप ने पुलिस को बताया कि वह बेरोजगार होने के कारण काम की तलाश में था। 2024 में बहादुरगढ़ के विवेकानंद नगर हाल सोनीपत के सिद्धार्थ एन्क्लेव, बहालगढ़ निवासी प्रमोद सरोहा के बारे में पता लगा। वह रुपये लेकर लोगों विदेश भेजता है। मेरा भाई अमित व बहनोई गढ़ी सिसाना निवासी राजेश ने उसके फोन पर बात की। विदेश भेजने के लिए 65 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। इसके लिए 37 लाख रुपये का लोन लिया। घरेलू समान, दो ट्रैक्टर व अन्य सामान बेचकर रुपये का इंतजाम किया। भाई अमित व बहनोई राजेश पहले 40 लाख रुपये लेकर मुरथल रोड स्थित एक ढाबे के पास गाड़ी में मिले। वहां 40 लाख रुपये दिए।
इसके बाद प्रमोद ने अमेरिका भेजने के लिए तेजवाना बाॅर्डर क्रॉस कराने व नौकरी दिलाने की बात कही। इसके लिए पासपोर्ट का फोटो भी लिया। हमें बांड भरने व कैंप से बाहर निकलवाने के लिए वकील करने की बात भी कही। किसी कारणवश वापसी होने पर सारे रुपये लौटाने की बात हुई। शेष 25 लाख रुपये मैक्सिको जाने के बाद देने होंगे। इसके बाद 20 नवंबर 2024 को दिल्ली से पुणे की फोन पर टिकट प्राप्त हुई। जहाज से पुणे गया। यहां तीन दिन रुका और फिर वापस दिल्ली आया। यहां से 24 नवंबर को 2024 को डंकी रूट होते हुए अमेरिका गया। मेरे वहां पहुंचने के बाद अमित और राजेश ने प्रमोद को बाकी के 25 लाख रुपये दिए।
तेजवाना बॉर्डर क्रॉस करने के बाद अमेरिका की बॉर्डर पेट्रोलिंग टीम ने पकड़ कर जेल में डाल दिया। वहां से 15 फरवरी की रात अमृतसर भेज दिया गया। वहां से अपने घर पहुंचा। प्रमोद ने मुझे झांसे में लेकर 65 लाख रुपये ऐंठ लिए हैं। उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। मेरे रुपये वापस दिलवाए जाएं।