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गुरुद्वारा बंद कर देने की सोची भी तो होगा खून खराबा

Thu, 26 Nov 2015 02:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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गुरुद्वारा टिकाणा साहिब का संपत्ति विवाद सुलझने की बजाय उलझता जा रहा है। भाजपा नेत्री कांता आलड़िया के प्रदर्शन के बाद माहौल गरमा गया है। प्रशासन की ओर से कथित तौर पर गुरुद्वारा पर धारा 145 लगाए जाने के आश्वासन की बात सामने आने पर सिख संगतों में रोष पनप गया है। गुरुद्वारे के महंत दिलबाग सिंह के साथ सामाजिक संगठनों और सिख संगतों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर गुरुद्वारे को बंद करने की सोची भी तो हम कुर्बानी देने से पीछे नहीं हटेंगे।
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बुधवार को गुरुद्वारा टिकाणा साहिब के परिसर में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए महंत दिलबाग सिंह ने कहा कि कुछ लोगों के कहने पर प्रशासन ने धारा-145 लगाने की बात कही है। इसे किसी भी तरह सहन नहीं किया जाएगा। यह डेरा भारत-पाक्सितान विभाजन काल से भी पहले से चलता आ रहा है।

गुरुओं के घरों पर कभी भी धारा-145 नहीं लगती है। आरोप लगाया कि भाजपा नेत्री आलड़िया का इस धर्म से कुछ भी लेना देना नहीं है और वे झूठे आरोप लगा रही हैं। उन्हाेंने कहा कि सेवापंथी संप्रदा के नियमों के तहत महंत शादी नहीं कर सकता है। अगर वह ऐसा करता है तो उसे डेरे से बाहर कर दिया जाता है। दलजीत कौर गुरुद्वारे के पूर्व महंत परमजीत सिंह की सेविका है, पत्नी नहीं।
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अगर उसने विवाह किया है तो वे साक्ष्यों सहित इसे साबित करें। उन्होंने कहा कि 4 से 6 दिसंबर तक गुरुद्वारे में बड़ा धार्मिक कार्यक्रम होगा। इसमें प्रदेशभर से साध संगत पहुंचेगी।

गुरुद्वारे के पास भी दिखे तो बख्शा नहीं जाएगा
हरियाणा पंजाबी स्वाभिमान मंच के अध्यक्ष हेमंत बख्शी ने कहा कि 23 नवंबर को आंदोलन में शामिल लोग अगर गुरुद्वारे के आसपास भी गुजरे तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। सेवक सरदार जसबीर सिंह ने कहा कि प्रशासन ने अगर गुरुद्वारा बंद कर देने की सोची भी तो बहुत खून खराबा होगा और ईंट से ईंट बजा देंगे। इस मौके पर रूबी चावला, सरदार हवा सिंह सैनी, रमेश सहगल, सरदार जगमोहन सिंह और संजीव ढल मौजूद रहे।

फोटो भी है
सच्चे सेवक हो तो गुरुद्वारे पर ताला न लगने दो
गुुरुनानक देव के सच्चे सेवक हो तो अपने गुरु घर यानी गुुरुद्वारा टिकाणा साहिब पर ताला न लगने देना। इसे प्यार से प्रशासन को सुपुर्द कर देना। यह बात जगाधरी से आए महंत कर्मजीत ने साध संगत से कही। वे माता दरवाजा स्थित गुुरुद्वारा बंगला साहिब में गुरुनानक देव के 547वें प्रकाशोत्सव पर कीर्तन समागम में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि अगर गुरु घर का नमक खाया है, उसके आशीर्वाद से अपने घरों में बरकत लेकर आए हो तो उसके घर पर ताला नहीं लगने देना है। मेहनत करके कमाओ और मिल बांटकर खाओ। महंत ने गुरुद्वारे पर धारा-145 लगाने की निंदा की।
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