रोहतक। लड्डू, जलेबी, गाेंदपाक, बेसन बर्फी, बालूशाही, खीर, चूरमा, पूड़ी, सब्जी, हलवा ये मेन्यू है, बाबा मस्तनाथ की पुण्य स्मृति में छह मार्च से लगने वाले मेले में आने वाले साधु-संतों व श्रद्धालुओं का। बाबा मस्तनाथ मठ के इस तीन दिवसीय मेले में आने वाले मेहमानों का इन्हीं से स्वागत होगा। प्रसाद तैयार करने में देसी घी के 500 से अधिक टिन लगेंगे। इसमें से 225 टिन देसी घी से मिठाइयां तैयार की जा रही हैं। समय पर प्रसाद तैयार करने के लिए मठ में हलवाई श्रवण कुमार की करीब 150 कारीगरों की टीम जुटी हुई है। मेले में करीब तीन लाख से अधिक लोगों के आने की उम्मीद है।
मेले में आने वाले वीआईपी मेहमानों के लिए नाश्ते की खास व्यवस्था रहेगी। इस मेन्यू में कचौड़ी, मठरी, भुजिया शामिल है। मेले में मिष्ठान के अलावा लच्छा पराठा, मिस्सी रोटी, तवा रोटी, नान, पूरी व चावल मेन्यू का हिस्सा रहेंगे। सलाद, रायता, काॅफी परोसी जाएंगी। भंडारे में सात तरह की सब्जियां बनाई जाएंगी। इसमें शाही पनीर, मटर पनीर, मिक्स वेज, दाल मखनी, मूंग दाल, कढ़ी पकौड़ा, छोले शामिल हैं। इन्हें तीनों दिन बदल-बदल कर परोसा जाएगा। पहले दिन लड्डू, मिक्सवेज, दाल, सलाद, पूरी, मिस्सी रोटी, तवा रोटी, नान, चावल, लच्छा परांठा। दूसरे दिन जलेबी, छोले, पनीर, मिक्सवेज, दाल, चावल, पूरी, मिस्सी रोटी, तवा रोटी, नान। तीसरे दिन, बालूशाही, मटर पनीर, मिक्सवेज, कढ़ी पकौड़ा, सलाद परोसा जाएगा।
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हलवाई श्रवन कुमार ने बताया कि 8 मार्च को मठ में सेवा करते हुए 35 साल हो जाएंगे। यहां वह हर वर्ष निशुल्क सेवा देते हैं। इस बार भी बड़ी जिम्मेदारी मिली है। इसे बेहतर ढंग से निभाया जाएगा।
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महंत ने बनाई जलेबी
बाबा मस्तनाथ मठ के महंत बाबा बालकनाथ ने मेले की तैयारियों का जायजा लेने के बाद भंडारे की व्यवस्था भी जानी। इसके लिए रसोई में जाकर चीजों को जांचा परखा व यहीं खुद अपने हाथों से जलेबी भी बनाई। यहां हंसते हुए महंत ने कहा कि इनके लिए राहुल गांधी ने फैक्ट्री लगाने की बात कही थी। इस पर सभी जोरदार ठहाका लगाकर हंस पड़े।