रोहतक। जीएसटी आर 9 को सही तरीके से भरने के लिए जीएसटी आर 3 बी व जीएसटी आर 1 का ठीक होना आवश्यक है। दोनों को भरने की अंतिम तारीख 30 अगस्त थी। जिसे बढ़ाने की अब मांग की जा रही है। जीएसटी रिटर्न भरने वाले व्यापारियों का मानना है कि दोनों मिस मैच होने के कारण परेशानी आ रही है। समय पर अगर रिटर्न न दाखिल किया गया तो जुर्माना देना पड़ेगा।
जीएसटी कानून लागू होने से 31 मार्च 2018 को समाप्त हुए पहले वित्त वर्ष के दौरान किए गये खरीद व बिक्री के पूरे साल का विवरण जीएसटी आर 9 में देना है । जिसे 31 अगस्त 2019 तक ऑनलाइन भरना था। लेकिन इस फार्म में मांगी गई जानकारियों ने सभी कारोबारियों की परेशानी बढ़ा दी है। जीएसटी को लागू करते हुए जिस रिटर्न को बनाया गया था सरकार उसे अब तक लागू नहीं करा पाई है। जिसका मुख्य कारण जीएसटी साइट (पोर्टल) का सुचारु रूप से तैयार नहीं होना है।
गौरतलब है कि जीएसटी को लागू हुए 2 साल से ज्यादा हो चुके हैं। लेकिन जीएसटी पोर्टल की तकनीकी समस्याएं अभी तक अंडर प्रोसस है। जीएसटी कानून के अनुसार जीएसटी आर 1, जीएसटी आर 2 व जीएसटी आर 3 रिटर्न मांगी जानी थी। जबकि जीएसटी पोर्टल की आधी अधूरी तैयारियों के कारण सरकार ने एक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत जीएसटी आर 3 बी का रास्ता निकाला जो कि जीएसटी कानून में कहीं भी नहीं दिया गया है।
यदि सही तरीके से रिटर्न (जीएसटीआर 1, जीएसटीआर 2 व जीएसटीआर 3 रिर्टन) भरी जाती तो जीएसटी आर 9 को भरने में व्यापारियों व कर सलाहकारों को परेशानी नहीं होती है।
रिटर्न की आखिरी तिथि तक साइट पर बढ़ जाता है लोड
जीएसटी एक्ट के अनुसार व्यापारियों को सिर्फ जीएसटी आर 1 ही भरनी थी तथा बाकी जीएसटीआर 2 व जीएसटीआर 3 रिटर्न अपने आप जनरेट हो जानी थी परंतु अब तक जीएसटी पोर्टल पर एक जीएसटीआर 1 रिर्टन को भरने में ही 45 मिनट का समय लगता है जबकि हर माह अंतिम तिथि के आस पास साइट या तो बहुत ही धीमी हो जाती है या बार बार क्रैश हो जाती है।
जीएसटी के कानून के अनुसार प्रस्तावित रिटर्न को छोड़ (बदल कर) जीएसटीआर 3 बी को मांग लिया। क्योंकि जीएसटी सभी के लिये नया कानून था जिसमें स्वाभाविक तौर पर गलती होने की संभावना रहती है। अत: व्यापारियों के लिये जीएसटीआर 9 को पूरी तरह से सही भरना असंभव है। जिसके कारण भविष्य में व्यापारियों को जीएसटी कानून के तहत कई नोटिसों का सामना करना पड़ेगा ।
समय पर रिटर्न न दाखिल करने पर 25 हजार रुपये तक का है जुर्माना
यदि किसी व्यापारी की जीएसटीआर 9 रिटर्न समय पर नहीं भरी गई ताें 25000 रुपये तक पेनल्टी लगेगी।
अभी जीएसटी आर 9 को भरने में एक माह से भी कम समय बचा है। इस रिर्टन की जटिलता को देखते हुए बहुत कम व्यापारी इसे समय पर भर पायेंगे।
एक बार संशोधन की सुविधा दे सरकार
जीएसटी व इनकम टैक्स वकील अशोक जागंड़ा ने सरकार से मांग की है कि जब तक व्यापारी को जीएसटी आर 3 बी व जीएसटी आर 1 को संशोधन करने की सुविधा एक बार जरूर देनी चाहिए । जिससे गलतियों को सुधार कर सही आंकड़ों के अनुसार जीएसटी आर 9 को भरा जा सके। अन्य कर सलाहकार गौरव जुनेजा, दिनेश गोस्वामी, रमेश शर्मा ने जीएसटी आर 9 में जटिल व समय लगाने पर तैयार होने वाली रिटर्न बताया है।