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Rohtak News: सरकारी टैंकर अप्रूव के बाद पहुंच नहीं रहे, निजी मंगाने को मजबूर लोग

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15...रोहतक के मानसरोवर पार्क ​स्थित प्रथम जलघर में खड़े पेयजल टैंकर। संवाद
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रोहतक। शहर में टैंकर सप्लाई को लेकर झोल चल रहा है। कॉलोनियों में ऑनलाइन आवेदन के बाद भी चार-चार दिन तक टैंकर सप्लाई नहीं हो रहा है। प्रथम जलघर से रोजाना औसतन 40 से अधिक टैंकर भरकर भी निकल रहे हैं।
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वहीं कॉलोनियों में 500 से 800 रुपये तक के टैंकर भी पहुंच रहे हैं। सवाल यह कि विभाग ने कितने टैंकर संचालकों को सप्लाई की अनुमति दी है। विभाग की ट्यूबवेल से भरे जा रहे टैंकर कैसे और किन कॉलोनियों में भेजे जा रहे हैं।
शहर की 15 से अधिक प्रभावित कॉलोनियों में विभाग की ओर से पेयजल टैंकर सप्लाई किए जाते हैं। निजी टैंकर भी इन्हीं कॉलोनियों में रुपये से टैंकर मंगवाते हैं। शहर में अनुमानित 20 से अधिक पेयजल सप्लाई टैंकर एजेंसियां हैं।
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कॉलोनियों में लोगों को सरकारी टैंकर समय पर नहीं मिल रहा जबकि जलघर से टैंकर भरे जा रहे हैं। विभाग यह भी कह रहा कि टैंकरों की सप्लाई का टेंडर समाप्त हो गया है। इससे पूर्व तीन जलघरों के लिए एक एजेंसी का टेंडर हुआ था जिसने तीन और एजेंसियों को भी जोड़ लिया था।
जांच व जरूरत पर टैंकर सप्लाई हो रहे हैं। सरकारी टैंकरों के अलावा कॉलोनियों में निजी टैंकर वितरक भी सप्लाई कर रहे हैं लेकिन इनके दाम का कोई निर्धारित मूल्य नहीं है।
किसी कॉलोनी में 500 रुपये में टैंकर सप्लाई हो रहा है तो किसी में 800 से अधिक रुपये का सप्लाई किया जा रहा है। इन टैंकर वितरकों की पानी शुद्धता को लेकर भी सवाल उठता है कि पानी की शुद्धता को लेकर कब टेस्ट होता और पंजीकरण प्रक्रिया क्या है।
हालांकि, भूजल को लेकर हाइड्रोलोजिस्ट डॉ. दलबीर राणा का कहना है कि काॅमर्शियल भूमिगत जल कनेक्शनों का पंजीकरण होता है। साथ ही, इनकी समय-समय पर टेस्टिंग भी की जाती है।
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वर्जन
विभाग के टैंकरों का टेंडर समाप्त हो गया है। जरूरतमंद लोगों व कॉलोनियों में ही टैंकर भेजे जा रहे हैं। वार्षिक टेंडर प्रक्रिया में टैंकर सप्लाई प्रक्रिया को ओर दुरुस्त किया जाएगा। -शिवराज चौहान, अधीक्षण अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग।
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फोटो : 16
मेरा टैंकर ऑनलाइन बुक है। चार दिन से टैंकर नहीं पहुंचा है जबकि अप्रूव्ड भी दिखा दिया है। जेई कहता है कि सरकारी टैंक बंद कर दिए हैं जबकि जलघर में काफी संख्या में टैंक भरे जा रहे हैं। -दीपक मोरवाल, शोरा कोठी।

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फोटो : 17
सप्लाई का पानी तो कॉलोनी में आता ही नहीं है। टैंकरों के सहारे ही गुजारा कर रहे हैं। सबमर्सिबल से खारा पानी आता है। विभाग के टैंकरों का कोई समय नहीं है। रुपये में निजी टैंकर मंगाते हैं। -शीला, रैनकुपरा।

15...रोहतक के मानसरोवर पार्क स्थित प्रथम जलघर में खड़े पेयजल टैंकर। संवाद

15...रोहतक के मानसरोवर पार्क स्थित प्रथम जलघर में खड़े पेयजल टैंकर। संवाद

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