रोहतक। डाक विभाग में जनता के धन पर बेधड़क डाका डाला जा रहा है। विभाग के लाखों रुपये के गबन के मामले थम नहीं रहे हैं। शहर के मुख्य डाकघर में बंद खातों से रुपये निकालने व बनियानी के बाद अब सुंदरपुर डाकघर में भी लाखों रुपये का गबन सामने आया है।
यहां ग्राहकों से रुपये लेने के बाद खातों में जमा नहीं कराए गए। बाद में ग्राहकों को न रुपये मिले न अपना खाता। इसके बाद मामला डाक विभाग के अधिकारियों तक पहुंचा।
अधिकारियों ने इस मामले में एक अनुबंधित कर्मचारियों को हटाने व सभी ग्राहकों को रुपये वापस देने का दावा करते हुए मामला रफा दफा कर दिया। कार्रवाई के नाम पर कोई ठोस कदम अब तक नहीं उठाया गया है। संवाद
केस 1
मेरी मां जगवंती ने छह साल पहले डाक विभाग में आरडी कराई थी। इसके बाद वह लगातार रुपये जमा कराती थी। यह राशि कहां जमा होती थी पता नहीं। बाद में पता लगा कि खाता एक निजी चिटफंड कंपनी में खोला था। यह कंपनी नवंबर 2024 में भाग गई। उस समय ध्यान नहीं दिया। मार्च में काॅपी जांची तो दूसरी कंपनी में खाता होने का पता लगा। डाकघर में शिकायत की तो एजेंट ने 12 अप्रैल 2025 काे नई काॅपी दी। इस पर मां के हस्ताक्षर भी नहीं थे। इसमें महज चार एंट्री दर्ज थी। इस मामले की जांच 14 जून 2025 को हुई। इसी दिन शाम को एजेंट का बेटा कुछ लोगों के साथ आया और हमारे साथ मारपीट की। इस बारे में एफआईआर कराई। डाक विभाग या पुलिस की ओर से दोनों मामलों में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। -
विकास मेहरा, सुंदरपुर।
केस 2 :
डाकघर में रुपये जमा कराने के लिए वर्ष 2021 में खाता खुलवाया था। खाता दूसरी कंपनी में खोल दिया। खाते की कॉपी अपने पास रख ली। हर माह एक हजार रुपये जमा कराते थे। बाद में पता लगा कि कंपनी भाग गई। डाक विभाग की कॉपी हमारे पास नहीं है। इस कारण अब रुपये जमा नहीं हो पा रहे हैं। पुराने जमा कराए रुपये भी नहीं मिले हैं। मेहनत कर बड़ी मुश्किल से रुपये खाते में जमा कराते थे। अब कोई सुनने वाला भी नहीं है।
-मोनिका, सुंदरपुर।
गांव के 20 से ज्यादा लोगों से हुई धोखाधड़ी
पीड़ितों ने बताया कि गांव में 20 से ज्यादा लोगों के साथ धोखाधड़ी हुई है। इसमें 20 लाख रुपये के लेनदेन की पुष्टि हो चुकी है। इस मामले की सही ढंग से जांच होने पर 50 लाख रुपये तक का घोटाला सामने आ सकता है। पीड़ितों में अधिकांश बीपीएल परिवार से जुड़े हैं। इनकी पिछले पांच साल की आरडी व एफडी की कॉपियां प्रभावित हुई हैं।
केंद्रीय मंत्री के गांव बनियानी में भी लाखों का घपला
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के गांव बनियानी स्थित डाकघर में भी फर्जी पासबुक के जरिये लाखों रुपये का घोटाला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शाखा के पोस्ट मास्टर ने गलत एंट्री कर करीब 100 से अधिक उपभोक्ताओं के खातों से लाखों रुपये की हेराफेरी की। खाताधारकों को लंबे समय तक इसकी जानकारी तक नहीं मिली। उपभोक्ताओं की ओर से शिकायतें आने के बाद डाक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की जांच विभाग के इंस्पेक्टर को सौंपी। इंस्पेक्टर उपभोक्ताओं की पासबुक, रसीदों और कार्यालय रिकॉर्ड का मिलान कर रहे हैं।
डाक अधीक्षक दिनेश कुमार से घपले को लेकर सीधी बात...
सवाल : क्या डाक विभाग में घपले की शिकायतें मिल रही हैं?
जवाब : हां, शिकायतें आती रहती हैं। विभाग हर शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई कर रहा है।
सवाल : सुंदरपुर गांव के हुए घपले का क्या मामला है?
जवाब : सुंदरपुर में घपला सामने आया है, जांच चल रही है। संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
सवाल : मुख्य डाकघर में बंद खातों से राशि निकालने के मामले में क्या कार्रवाई हुई?
जवाब : प्रभावित उपभोक्ताओं का पैसा वापस आ चुका है। संंबंधित कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया है।
सवाल : बनियानी गांव में घपले का मामला सामने आया है। इसकी क्या स्थिति है?
जवाब : बनियानी से चार शिकायतें प्राप्त हुई हैं। जिन लोगों के साथ गबन हुआ है, उनका पैसा वापस कराया जाएगा।
सवाल : क्या मुख्य डाकघर मामले में एफआईआर दर्ज की गई है?
जवाब : हां, विभाग की तरफ से एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है।
10...डाक विभाग की ओर से की गई धांधली की शिकायतकर्ता के द्वारा पुलिस अधीक्षक से की गई शिकायत