रोहतक। सरकार लगातार मजदूर और कर्मचारी विरोधी नीतियां लागू कर रही है। चार लेबर कोड लाकर लगभग सभी श्रम कानूनों को समाप्त कर दिया गया है। मजदूरों की मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पिछले दस वर्षों से प्रदेश में न्यूनतम वेतन नहीं बढ़ाया गया है। बढ़ती महंगाई के अनुसार यह वेतन कम से कम 30 हजार रुपये प्रति माह होना चाहिए। ये बात रविवार को ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (एआईयूटीयूसी) की बैठक में राज्य यूनियन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने कही।
भरत कॉलोनी स्थित एआईयूटीयूसी के बलवंत भवन में राज्यस्तरीय बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता राज्य यूनियन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने की। संचालन राज्य सचिव हरि प्रकाश ने किया। हरि प्रकाश ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग को सरकार नजरअंदाज कर रही है। आंदोलन के दबाव में एनपीएस की जगह यूपीएस लाकर कर्मचारियों के साथ छल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर 4 सितंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एआईयूटीयूसी की ओर से प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में राजेंद्र सिंह, ईश्वर सिंह राठी, हरिप्रकाश, राजू, मास्टर सुबेसिंह, शेरसिंह, रामफल, सतीश, पुष्पा दलाल, कृष्णा मढ़ाना व मेहर सिंह आदि उपस्थित रहे।