फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गवर्निंग बॉडी भंग, फिर भी कर दिया बड़ा खेल

Mon, 17 Aug 2015 02:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
विज्ञापन
विज्ञापन
विवादों में घिरी वैश्य संस्था में भले ही सरकार ने प्रशासक की नियुक्ति कर दी हो, लेकिन विवाद अभी भी पीछा नहीं छोड़ रहे हैं।
विज्ञापन


अब कालेजियम सदस्यों ने आरोप लगाया है कि पूर्व गवर्निंग बॉडी के पदाधिकारियों ने भारी घोटाले किए हैं। गवर्निंग बॉडी भंग होने के बाद भी मनमाने तरीके से चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए संस्था के फंड का गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया।

कालेजियम सदस्यों ने प्रशासक को सौंपे गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि 24 मई को हुई मीटिंग में 74 कालेजियम सदस्यों ने गवर्निंग बॉडी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित कर उसे भंग कर दिया था।
विज्ञापन


लेकिन इसके बाद भी पदाधिकारियों ने नियमों का उल्लंघन करते हुए अपने चहेतों को गलत तरीके से लाभ पहुंचाया। संस्था के स्कूल-कॉलेजों में गलत तरीके से नियुक्ति की गई।
विज्ञापन


वैश्य इंजीनियरिंग कॉलेज में ऐसे प्रोफेसर की सैलरी सवा लाख रुपये कर दी गई जो प्रोफेसर के लिए योग्य भी नहीं है। एडमिशन के लालच में संस्था के कई लाख रुपये खर्च कर दिए गए हैं, जबकि कॉलेज में एक भी एडमिशन नहीं हुआ। यदि पूरे मामले की जांच की जाए तो बड़े घोटाले का खुलासा हो सकता है। शिकायती पत्र देने वालों में अजय गुप्ता, चंद्रप्रकाश, नरेंद्र गोयल, आदेश और वेदप्रकाश आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें