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एमडीयू के हॉस्टल में आधी रात तक पानी दो, पानी दो चिल्लाती रहीं पीजीआई की छात्राएं

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एमडीयू के कृष्णा हॉस्टल में रहने वाली पीजीआई की एमबीबीएस और बीडीएस की छात्राओं के सब्र का बांध आखिर टूट गया। तीन दिन से पानी न मिलने से बेहाल छात्राओं ने हॉस्टल परिसर में धरना दिया। आधी रात तक वे पानी दो, पानी दो, चिल्लाती रहीं। पहले एमडीयू, फिर पीजीआई के अधिकारी उन्हें समझाने पहुंचे पर बात नहीं बनी। पीजीआई अधिकारियों के पहुंचने के बाद पानी का एक टैंकर मंगवाया गया, पर छात्राएं स्थायी हल पर अड़ी रहीं। रात करीब साढ़े 11 बजे डीन डॉ. सरिता मग्गू के आश्वासन पर छात्राओं ने धरना खत्म किया।
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पीजीआई की एमबीबीएस और बीडीएस की 200 से ज्यादा छात्राएं एमडीयू के कृष्णा हॉस्टल में रहती हैं। छात्राओं का कहना है कि तीन दिन से बाथरूम में बिल्कुल पानी नहीं आ रहा है। वे बार-बार वार्डन से शिकायत करती रहीं, पर कुछ नहीं हुआ। आखिर हार कर उन्होंने शुक्रवार रात करीब आठ बजे धरना दे दिया। धरने की खबर पहुंचते ही हॉस्टल वार्डन और चीफ वार्डन मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्राओं को समझाने की कोशिश की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। एमडीयू अधिकारियों ने मीडिया को हॉस्टल गेट से दूर ही रोक लिया। एक महिला अधिकारी बात करने आई तो उसने एक वीडियो क्लिप दिखा कर दावा किया कि वॉशरूम में पानी आ रहा है। लेकिन उनके पास इस बात का कोई जवाब नहीं था कि अगर पानी आ रहा है तो छात्राएं धरने पर क्यों बैठी हैं। एक और कर्मचारी ने कहा कि पानी सप्लाई की लाइन टूटने की वजह से समस्या आई। इस दौरान छात्राएं नारेबाजी करती रहीं, एमडीयू के अधिकारी उन्हें समझाने में नाकाम रहे। इस बीच छात्राओं ने गेट पर पहुंच कर उसे पीटा, कुछ छात्राएं खाली बाल्टी ले आईं, उसे बजाकर भी रोष जताया गया। आखिर रात सवा 10 बजे एमडीयू प्रशासन ने पीजीआई की डीन डॉ. सरिता मग्गू को बुलाया। उन्होंने काफी देर तक छात्राओं को समझाने की कोशिश की, पर बात नहीं बनी। इस बीच रात साढ़े 10 बजे पानी का एक टैंकर वहां पहुंचा, पर छात्राओं ने उसे अंदर नहीं जाने दिया। किसी तरह सुरक्षाकर्मियों ने टैंकर को परिसर के अंदर पहुंचा कर गेट बंद कर दिया। उसके बाद भी डीन और छात्राओं के बीच बात नहीं बनी। आखिर रात साढ़े 11 बजे डीन ने आश्वासन दिया कि अगर 24 घंटे के अंदर समस्या का समाधान न हुआ तो छात्राएं दोबारा प्रदर्शन कर सकती हैं। उसके बाद छात्राओं ने धरना खत्म किया।
पीजीआई के डायरेक्टर ने नहीं सुनी
छात्राओं ने वीरवार को पीजीआईएमएस के डायरेक्टर डॉ. रोहताश कंवर यादव के दफ्तर के आगे दोपहर दो से शाम चार बजे तक इस मुद्दे पर धरना दिया। लेकिन डायरेक्टर अपने एसी दफ्तर से बाहर तक नहीं आए। विद्यार्थियों का कहना था कि सुबह सात से दोपहर दो बजे तक उनकी ड्यूटी होती है। बिना पानी के असुविधा होती है। पीजीआई को इस मामले में दखल देना चाहिए था। पहली जिम्मेदारी एमडीयू प्रशासन की थी, लेकिन पीजीआई की भी अपने विद्यार्थियों के प्रति जिम्मेदारी बनती है। लेकिन किसी ने भी पानी के टैंकर तक नहीं मंगवाए। वीरवार दोपहर विद्यार्थी दोपहर दो से शाम चार बजे तक डायरेक्टर कार्यालय के बाहर बैठे रहे पर किसी ने सुनवाई नहीं की।
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एबीवीपी नेता रहे मौजूद
धरने की खबर मिलते ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्य मौके पर पहुंच गए, जोकि देर रात तक वहीं रहकर हालात पर नजर रख रहे थे। संगठन मंत्री सूर्य प्रकाश के अलावा संगठन के पुष्पेंद्र यादव, हरिओम पंडित समेत कई सदस्य मौजूद रहे।
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