फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rohtak News: सर्वाइकल कैंसर से बचने के लिए पहले ही लें एचपीवी वैक्सीन

Sat, 08 Nov 2025 03:06 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
विज्ञापन
39...पीजीआई में राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में डॉक्टरों को
विज्ञापन
रोहतक। राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस के उपलक्ष्य में पीजीआईएमएस के एलटी-1 में विकिरण ऑन्कोलॉजी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी और प्रसूति व स्त्री रोग विभाग की ओर से बहु विषयक सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
विज्ञापन


इसमें एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन की महत्ता पर बात की गई। पीजीआई में भी यह उपलब्ध नहीं है। गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर के मामलों में कमी लाने के उद्देश्य से इस वैक्सीन को राष्ट्रीय स्तर पर अपनाने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से प्रयास किया जा रहा है।
यह वायरस ब्रेस्ट कैंसर के बाद भारतीय महिलाओं को होने वाला सामान्य कैंसर है। वायरस संक्रमित व्यक्ति से यौन संबंध बनाने पर इसके फैलने का खतरा बढ़ जाता है। एचपीवी वायरस से सर्वाइकल कैंसर, योनि कैंसर, एनल कैंसर, वल्वर कैंसर आदि कैंसर भी होने का खतरा रहता है।
विज्ञापन

इसको 9 से 14 वर्ष की आयु के व्यक्ति दो खुराकें छह से 12 माह के अंतराल पर दी जा सकती है। 15 से 45 वर्ष की आयु के व्यक्तियों की तरफ से यदि किशोरावस्था में पूरा नहीं किया गया हो तो 0, 2, और 6 महीने पर तीन खुराक की शृंखला दी जा सकती है। पुरुष यह वैक्सीन ले सकते हैं।
यह वैक्सीन पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए है। वैक्सीन तब सबसे प्रभावी होती है जब इसे व्यक्ति के यौन रूप से सक्रिय होने से पहले दिया जाता है लेकिन बाद में दिए जाने पर भी यह कुछ सुरक्षा प्रदान कर सकती है।
भारत में पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु आदि राज्यों में इसको प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है। पीजीआई में इसकी व्यवस्था नहीं है लेकिन बाहर से वैक्सीन लाकर डॉक्टरों की सलाह से लगवा सकते हैं।
पीजीआई के स्त्री रोग व प्रसूती विभागाध्यक्ष डॉ. पुष्पा दहिया ने बताया कि एचपीवी वैक्सीन सुरक्षित व कारगर है। इसको इसको नौ से 14 उम्र के बीच में प्राथमिक इलाज के तौर पर लेकर कैंसर से बचाव किया जा सकता है।
इसको 26 वर्ष व 45 वर्ष के व्यक्तियों को भी डॉक्टर की सलाह के अनुसार दिया जा सकता है। युवाओं को इसके प्रति जागरूक होना चाहिए ताकि पहले ही कैंसर से सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इस दौरान डीन डॉ. अशोक चौहान और ऑन्कोलॉजी विभानाध्यक्ष डॉ. संजीव प्रसाद, डॉ. राजेंद्र कुमार, डॉ. अनादि पचौरी, डॉ. राकेश, डॉ. राजीव अत्री व अन्य उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें