रोहतक। सीएम मनोहर लाल ने वीरवार को सभी जिला उपायुक्तों को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित किया और कोरोना से निपटने के लिए जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी उपायुक्तों से कहा है कि ऑक्सीजन बॉटलिंग प्लांट पर टैंकरों को जल्द से जल्द अनलोड करवाएं, ताकि इनके आवागमन में तेजी लाई जा सके। इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीण इलाकों पर खास ध्यान देने को भी कहा है।
वीडियो कांफ्रेंस के दौरान सीएम ने कहा कि जिन जिलों में पॉजिटिविटी रेट ज्यादा है, वहां टेस्टिंग बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि सभी उपायुक्त ऑक्सीजन टैंकर को बॉटलिंग प्लांट पर अनलोड करवाते समय ध्यान रखें कि प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो। ऐसा होने से अस्पतालों को ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होती है।
पुलिस के वाहन ऑक्सीजन टैंकर के साथ चलें ताकि ये निर्बाध रूप से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। सभी उपायुक्त अस्पतालों को सप्लाई की जा रही ऑक्सीजन की स्वयं निगरानी करें। शहरों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों पर भी ध्यान दिया जाए ताकि कोविड संक्रमण का जल्द पता लगाकर उस पर नियंत्रण किया जा सके।
ग्रामीणों को कोरोना के उचित व्यवहार के बारे में लगातार जागरूक किया जाए। लोगों को झुंड में न बैठने की सलाह दी जाए, विवाहों पर निगरानी रखी जाए। आवश्यकतानुसार रैपिड एंटिजन और आरटीपीसीआर टेस्ट करवाए जाएं। गांवों में कोरोना जागरूकता साहित्य वितरित किया जाए, लोगों का विश्वास बहाल किया जाए। शिविर लगाकर लोगों की जांच करवाई जाए। पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों को भी इस काम में शामिल करें।
जिले में प्रतिदिन करीब तीन हजार टेस्ट किए जा रहे
उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि जिले में निगरानी समितियां गठित की गई हैं। ऑक्सीजन व आवश्यक दवाओं की निगरानी को भी कमेटी बनी है। एक कमेटी अस्पतालों का ऑडिट कर रही है। जिले में प्रतिदिन करीब तीन हजार टेस्ट किए जा रहे हैं, रिकवरी रेट 89 प्रतिशत है।
कंटेनमेंट जोन घोषित करने के साथ गांवों को सैनिटाइज करवाया जा रहा है। टेस्टिंग के साथ मरीजों को दवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं, एंबुलेंस के रेट निर्धारित किए गए हैं। इस अवसर पर एसीएस आनंद मोहन शरण, निगम कमिश्नर प्रदीप गोदारा, आईएएस आनंद शर्मा, एसपी राहुल शर्मा, एडीसी महेंद्र पाल, एसडीएम राकेश सैनी, मेजर गायत्री अहलावत व श्वेता सुहाग, पीजीआईएमएस के अतिरिक्त निदेशक सुरेंद्र सिंह, सीटीएम ज्योति मित्तल, एचसीएस नरेंद्र कुमार, सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला, पीजीआई की सीएमओ डॉ. सुषमा भी मौजूद थे।