महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के चौ. रणबीर सिंह इंस्टीट्यूट में इमसॉर की ओर से संचालित प्रबंधकीय दक्षता व उत्पादकता माप सिद्धांत और व्यवहार विषयक का पांच दिवसीय ज्ञान पाठ्यक्रम का वीरवार को दूसरा दिन रहा। इसमें वीरवार को ग्लोबलाइजेशन एंड रिसोर्सेज एफिशियंसी, थियोरेटिकल फ्रेमवर्क ऑफ एफिशिएंसी मेजरमेंट के बारे में विशेष व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया व एसटीएटी सॉफ्टवेयर प्रोग्राम के बारे में हैंड्स ऑन ट्रेनिंग दी गई।
कार्यक्रम के कोआर्डिनेटर डॉ. रामफूल ने वैश्विक आर्थिक एकीकरण और संसाधनों के सतत उपयोग के बीच के जटिल संबंधों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैसे वैश्वीकरण के इस दौर में संसाधनों का कुशल उपयोग करना बेहद जरूरी है। फॉरेन फैकल्टी यूएसए के प्रो. सुबल चंद्र कुंभकार ने दक्षता माप के सैद्धांतिक ढांचे पर दो व्याख्यान दिए। उन्होंने अपने व्याख्यानों में दक्षता माप को रेखांकित करने वाली अवधारणाओं, जैसे उत्पादन कार्य, लागत कार्य और लाभ कार्य पर स्पष्टता प्रदान की।
ट्यूटोरियल सत्र में डॉ. जोगिंदर कुमार ने प्रतिभागियों को एसटीएटी सॉफ्टवेयर के उपयोग बारे हैंड्स ऑन ट्रेनिंग देते हुए के बारे में व्यावहारिक जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि इस सॉफ्टवेयर का उपयोग प्रबंधन विद्यार्थियों को फर्म-स्तरीय प्रदर्शन के मूल्यांकन और सुधार करने के टूल्स प्रदान करता है। यह ज्ञान पाठ्यक्रम 12 जनवरी को संपन्न होगा।