रोहतक। गौड़ ब्राह्मण संस्था के चुनाव को लेकर मंगलवार को जिला रजिस्ट्रार कार्यालय में सुनवाई हुई। पक्ष रखा गया कि 2014 से अब तक 25 सदस्यों का देहांत हो चुका है। उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाएं। साथ ही 42 हजार 974 मतों को वैध माना जाए। अब जिला रजिस्ट्रार की ओर से सुनवाई के लिए अगली तिथि तय की जाएगी।
याचिकाकर्ता श्रीभगवान व संदीप कौशिक ने लिखित में जिला रजिस्ट्रार शरणजीत कौर को बताया कि नए वोटों को लेकर 22 दिसंबर 2024 को जारी आदेश में कानूनी बिंदुओं को नजरअंदाज किया गया है। दूसरी ओर तत्कालीन प्रशासक व सह उपायुक्त ने 4 फरवरी 2020 को 42974 सदस्यों की सूची को वैध माना था। इतना ही नहीं, लिखित में बताया गया कि संस्था के अब 76081 आजीवन सदस्य हैं। उनमें से करीब 25 प्रतिशत का देहांत हो चुका है। इसलिए मृत सदस्यों का नाम मतदाता सूची से हटाया जाए।
2014 में होने थे चुनाव, अब तक नहीं हुए
गौड़ ब्राह्मण शिक्षण संस्था 100 साल से ज्यादा पुरानी है। इसकी अंतिम कार्यकारिणी के साल 2014 में चुनाव होने थे, लेकिन मतदाता सूची को लेकर फंस रहे पेंच के कारण अब तक नहीं हो सके हैं। संस्था के पुराने मतदाताओं की संख्या 33 हजार 107 है। साल 2012 से 15 अप्रैल 2013 तक 42 हजार 974 नए मतदाता जोड़े गए। बाद में जोड़े गए वोट अवैध घोषित कर दिए गए। इसको लेकर इस फैसले के खिलाफ पूर्व प्रधान आजाद अत्री व श्रीभगवान वशिष्ठ ने स्टेट रजिस्ट्रार में अपील की। बाद में पूर्व प्रधान रामकरण अत्री व शिव कुमार शर्मा भी केस में पार्टी बन गए। स्टेट रजिस्ट्रार ने जींद की सोसाइटी के फैसले का हवाला देकर जिला रजिस्ट्रार को फिर से सुनवाई के लिए कहा। दो जून को जिला रजिस्ट्रार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई की और 15 दिन में पक्ष रखने के लिए कहा था।
जिला रजिस्ट्रार कार्यालय में याचिकाकर्ता श्रीभगवान व संदीप कौशिक ने अपना लिखित में पक्ष रखा। अब रजिस्ट्रार की ओर से अगली सुनवाई के लिए तिथि जारी की जाएगी।
-एडवोकेट कृष्ण कौशिक, पूर्व महासचिव गौड़ ब्राह्मण शिक्षण संस्था