गरीब रथ एक्सप्रेस में डकैती डालने के बाद गिरोह में शामिल सात गुर्गों को बंटवारे में 27-27 हजार रुपये मिले थे। मोबाइल व जेवर सरगना कन्हैया के पास हैं, जो अभी फरार है। यह खुलासा डकैती में शामिल अजय ने रिमांड के दौरान पूछताछ में किया है। उसकी निशानदेही पर जीआरपी ने वारदात में प्रयुक्त तमंचा व नकाब और लूटे के पांच हजार रुपये बरामद कर लिए हैं।
चार-पांच मिनट के अंतराल में ट्रेन जैसे ही चली वैसे ही गेट संख्या सी-8 के नजदीक बदमाश चेन पुलिंग करके उतरकर फरार हो गए। तब से हरियाणा जीआरपी डकैतों की तलाश में जुटी थी। करीब दो माह पहले उत्तर प्रदेश के सहारनपुर की जीआरपी ने जयनारायण, कुंदन, करण और नितिन को दबोचा।
आरोपियों ने खुलासा किया था कि गिरोह का सरगना कन्हैया है। वारदात में अजय और विशाल भी शामिल थे। बुधवार को जीआरपी रोहतक ने अजय को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ पर अजय ने बताया कि सरगना कन्हैया ने साजिश रची थी। उसका कहना था कि गरीबरथ एक्सप्रेस में आसानी से डकैती पड़ सकती है क्योंकि इसमें विरोध होने की कम संभावना होती है।
रोहतक स्टेशन पर सीसीटीवी न होने की वजह से ही उन्होंने स्टेशन से ट्रेन में चढ़ने का फैसला लिया। वारदात के बाद तीसरे दिन बंटवारे में हर सदस्य के हिस्से में 27 हजार रुपये आए थे। जीआरपी थाना प्रभारी स्नेहीराज ने बताया कि अजय की निशानदेही पर पांच हजार रुपये के अलावा तमंचा आदि बरामद हुआ है।