रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (यूएचएस) में हुए नकल के खेल मामले में हर दिन नया खुलासा हो रहा है। विद्यार्थियों ने भी मान लिया है कि उनकी उत्तर पुस्तिकाओं से छेड़छाड़ हुई है। पूछताछ में करीब 30 प्रतिशत विद्यार्थियों ने उत्तर पुस्तिकाओं में दूसरों की लिखावट होने की बात स्वीकार की है। ऐसे में अब हैंडराइटिंग विशेषज्ञों से उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कराई जाएगी। यह खुलासा कुलपति की ओर से गठित कमेटी की जांच रिपोर्ट में हुआ है। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट कुलपति को भेज दी है।
यूएचएस में एमबीबीएस विद्यार्थियों को रुपये लेकर पास कराने का खेल धीरे-धीरे बेनकाब होता जा रहा है। उत्तर पुस्तिकाओं में छेड़छाड़ कर उन्हें बदलने व दोबारा उत्तर लिखने की बात सामने आ गई हैं। शिकायतकर्ता के बाद विद्यार्थियों ने भी उत्तर पुस्तिकाओं में दूसरों की लिखावट की बात स्वीकार कर ली है। यह बात विवि की जांच कमेटी के सामने आई है। इस संबंध में कमेटी पदाधिकारियों ने रिपोर्ट तैयार कर कुलपति के पास भेज दी है।
एमबीबीएस विद्यार्थियों को पास कराने के लिए की गड़बड़ी को गंभीरता से लिया जा रहा है। इस मामले में कुलपति के निर्देश पर गठित जांच कमेटी ने विद्यार्थियाें से पूछताछ की है। इसमें विद्यार्थियों ने उत्तर पुस्तिकाओं में दूसरों की लिखावट होने की बात कही है, इसलिए उत्तर पुस्तिकाओं की विशेषज्ञों से जांच कराई जाएगी। इसके बाद अगला कदम उठाया जाएगा।
- डॉ. एसके सिंघल, निदेशक, पीजीआईएमएस।
यह है मामला
यूएचएस में नकल के खेल मामले की एक विद्यार्थी ने शिकायत की थी। विजिलेंस के साथ यूएचएस को भी दस्तावेजों व वीडियो के साथ शिकायत दी गई थी। इसमें परीक्षा शाखा से उत्तरी पुस्तिकाएं निकाल कर बाहर ले जाने व लिखी हुए उत्तर साफ कर दोबारा उत्तर लिख कर एमबीबीएस के फेल विद्यार्थियों को पास कराने की बात कही गई थी। इसके लिए औसतन पांच लाख रुपये प्रति विद्यार्थी प्रति पेपर वसूलने का भी आरोप लगाया गया था।