रोहतक। कुलपति साहब! हमारे छात्रावास का भी भ्रमण कर लो, शायद हालात कुछ सुधर जाएं... यह गुहार एमडीयू के छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों ने कुलपति प्रो. राजबीर सिंह से की है। वह बुधवार रात को छात्रावास में इंटर हॉस्टल प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित करने पहुंचे थे।
विद्यार्थियों का कहना है कि कुलपति के आने से छात्रावास की व्यवस्था में सुधार हो जाता है। यहां की अव्यवस्था की आमतौर पर सुनवाई नहीं करने वाले कुलपति के आने की सूचना पर ही हरकत में आते हैं। इससे विद्यार्थियों को कुछ राहत मिल जाती है।
छात्रावास में कुलपति ने 107 विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इसमें 400 मीटर दौड़ में प्रथम निखिल, द्वितीय हिमांशु व तृतीय ध्रुव रहा। चीफ वार्डन प्रो. सत्यवान बरोदा ने बताया कि वॉलीबॉल में हिमगिरी ने पहला, एवरेस्ट ने दूसरा व उदयगिरी छात्रावास ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
छात्रावास के शौचालय में पानी तो कहीं दरवाजा नहीं
विद्यार्थियों ने बताया कि कुलपति छात्रावास एक में आयोजित कार्यक्रम पहुंचे, लेकिन उन्होंने किसी भी हॉस्टल की सुविधाओं को नहीं देखा। विद्यार्थियों ने बताया कि एक या दो हॉस्टल को छोड़कर सभी की हालत खस्ता है। यहां मूलभूत सुविधाओं की कमी है। इस कारण विद्यार्थियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसी छात्रावास के शौचालय में पानी नहीं है तो कहीं दरवाजा ही नहीं है। पेयजल किल्लत है तो कहीं मेस में अच्छा खाना नहीं मिलता। शौचालय में टोंटियां भी खराब हैं। कई बार इसकी शिकायत भी कर चुके हैं, लेकिन फिर भी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।
यह बोले विद्यार्थी
हर साल 15 हजार से 16 हजार तक छात्रावास की फीस लेते हैं। उस के बाद भी अच्छी सुविधा नहीं मिल पाती है। छात्रावास के आसपास बड़ी घास उगी हुई। इस कारण जहरीले जीवों का डर बना रहता है। वाटर कूलर खराब है व वाई-फाई भी अच्छे से नहीं चलता है। छात्रावास में अच्छे से साफ-सफाई नहीं होती है।
- अभिषेक, छात्र एकता मंच व छात्रावास सात एमडीयू।
छात्रावास की मेस में खाना अच्छा नहीं मिलता है। शौचालय की अच्छे से साफ-सफाई नहीं होती है। शौचालय में सीवर के पाइप भर जाते हैं। इससे फर्श पर पानी भर जाता है। रात को फिसलकर गिरने का खतरा बना रहता है।
- प्रदीप चाहर, छात्रावास नंबर पांच, एमडीयू।
वाटर कूलर की सफाई अच्छे से नहीं होती है व स्टैंड बहुत छोटा है। इस कारण सारा पानी फ्लोर पर भर जाता है। शौचालय के शीशे टूटे हुए हैं। शौचालय में वेस्टर्न सीट तो बिल्कुल खराब है। इनका प्रयोग नहीं किया जा सकता है।
- अमित, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया व छात्रावास आठ, एमडीयू।
26सीटीके55-छात्रावास सात में खराब व गंदा शौचालय। संवाद
26सीटीके55-छात्रावास सात में खराब व गंदा शौचालय। संवाद
26सीटीके55-छात्रावास सात में खराब व गंदा शौचालय। संवाद
26सीटीके55-छात्रावास सात में खराब व गंदा शौचालय। संवाद
26सीटीके55-छात्रावास सात में खराब व गंदा शौचालय। संवाद
26सीटीके55-छात्रावास सात में खराब व गंदा शौचालय। संवाद
26सीटीके55-छात्रावास सात में खराब व गंदा शौचालय। संवाद