रोहतक। नई अनाज मंडी में जिम्मेदार अफसरों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। हाल ही में हुई बूंदाबांदी के कारण नमी आने से गेहूं के ढेरों में फफूंदी जम गई है। अब अधिकारी अपनी लापरवाही को छिपाते हुए आनन फानन पीले सोने को सरकारी बोरियों में पैक करा रहे हैं।
मंडी में टीम जब मौके पर पहुंची तो वहां मौजूद श्रमिकों ने फफूंदी से बनी गेहूं की गांठों को पैरों से जल्दी-जल्दी तोड़ना शुरू कर दिया। मौके के वीडियो और फोटो इस गड़बड़झाले को साफ दर्शा रहे हैं।
नई अनाज मंडी में गेहूं की उठान तेजी से की जा रही है। मंडी परिसर में काफी गेहूं खुले में पड़ा है। वीरवार और शुक्रवार को मंडी में देखा गया कि टिन शेड के बाहर खुले में पड़ा गेहूं लापरवाही को छिपाते हुए बोरियों में भर रहे थे। गेहूं में सफेद रंग की बड़ी-बड़ी गांठें नजर आईं।
टीम ने जब यह गेहूं उठाने का प्रयास किया तो मजदूरों ने उसे ढकते हुए काम करने देने की बात कही। मजदूरों ने फफूंद वाला गेहूं साफ ढेरी में मिलाकर बोरियों में भर दिया। इस दौरान मजदूर 150 से अधिक बोरियां भर चुके थे। गेहूं भराई का यह काम लगातार जारी रहा। ऐसे में सरकारी एजेंसियों की खरीद प्रक्रिया व गेहूं की गुणवत्ता सवालों में घिरी नजर आ रही है।
सवाल यह भी उठता है कि सरकारी बारियों में भरा गया गेहूं कहां इस्तेमाल होगा। फफूंदी लगा गेहूं बोरी बंद करने से इसके सड़ने की आशंका और बढ़ गई है। यही गेहूं सरकारी राशन डिपो पर आम आदमी को बांटा जाएगा। जब मार्केट कमेटी के सचिव दीपक लोहचब से इसको लेकर बात की तो बोले-हमारा काम सुविधा देना है, खरीद का काम एजेंसी करती है। संवाद
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मंडी में गेहूं की आवक और किसानों की बायोमीट्रिक से मामलों पर नजर रखी जा रही है। मंडी से तीन एजेंसियां गेहूं की उठान कर रही हैं। एजेंसी कहां और और किस रूप में गेहूं भेज रही है, इसका संबंधित एजेंसी बताएगी।
- दीपक लोहचब, सचिव, मार्केट कमेटी
50-रोहतक नई अनाज मंडी में फफूंद वाले गेहूं को बारियों में बंद करते रखते मजदूर। संवाद
50-रोहतक नई अनाज मंडी में फफूंद वाले गेहूं को बारियों में बंद करते रखते मजदूर। संवाद
50-रोहतक नई अनाज मंडी में फफूंद वाले गेहूं को बारियों में बंद करते रखते मजदूर। संवाद