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पति ने बढ़ाया मान, हर किसी को नसीब नहीं होता ‘तिरंगा’

Wed, 23 Nov 2016 02:11 AM IST
सोनू भारद्वाज/ अमर उजाला, सांपला
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शहीद की पत्नी बोलीं, अगले जन्म में भी पति के रूप में मिलें राय सिंह - फोटो : amar ujala
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शहीद राय सिंह की पत्नी सुनीता को अपने पति की शहादत पर गर्व है। वह कहती हैं कि मैंने अपने पति में मातृभूमि के प्रति जज्बा देखा था। उन्होंने शहादत देकर परिवार और गांव का मान बढ़ाया है। तिरंगा हर किसी को नसीब नहीं होता। पति की शहादत को नमन करते हुए सुनीता ने कहा कि ईश्वर से मेरी यही प्रार्थना है कि अगले जन्म में भी मुझे राय सिंह ही पति के रूप में मिलें। दो दिनोें से सुनीता का रो-रोकर बुरा हाल है। पति को याद करके वह बेहोश हो जाती हैं। परिवार और रिश्तेदार उन्हेें सांत्वना देकर किसी तरह से संभाल रहे हैं।
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म्हारा नहीं देश का बेटा था शहीद राय सिंह

शहीद राय सिंह के परिजनों को जहां उनको खोने का गम है, वहीं उनकी शहादत पर गर्व भी है। घर सांत्वना देने आने वाले लोगों से परिजन कहते हैं कि राय सिंह म्हारा ही नहीं, बल्कि देश का बेटा था। इस कारण वह देश के नाम शहीद हो गया। परिजनों की इस बात से ग्रामीण भी गौरवान्वित महसूस करते हैं।

मां और पत्नी के आंसुओं के आगे हर दिल पिघला

शहीद की बूढ़ी मां की चीत्कार और पत्नी के आंसुओं ने हर दिल को पिघला दिया। शहीद के अंतिम दर्शन पर आये हर शख्स की आंखों में आंसू थे। पूरा गांव शोक में डूबा है। सभी की जुबां पर केवल राय सिंह की चर्चा है। चाहे दुकानदार हो या अन्य। युवा हो या बूढ़े सभी एकत्र होकर राय सिंह की मां चंद्रो देवी को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।
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नेताओं को भेजें एक बार बार्डर पर : चंद्रो देवी

शहीद की मां चंद्रो देवी ने कहा कि नेताओं को कु छ समय के लिए सीमा पर भेेजें। तब पता चलेगा कि किस हालत में सैनिक रहते हैं। उन्होंने कहा कि वे जब अपने बेटे की फि क्रकरती थीं तो बेटा कहता था कि मां मरने की सोच लोगे तो जीओगे कैसे। आप जांबाज बनकर रहो। बेटा जब भी घर आता था तो बताता था कि वहां किन हालात में रहकर सीमा पर खड़े रहते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे सांसदों और विधायकों को बंदूक चलाने की ट्रेनिंग देनी चाहिए।

बेटा बोला, बदला लूंगा

शहीद राय सिंह को सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से विदाई दी। सैनिक शहीद का शव लेकर मंगलवार सुबह घर पर पहुंचे तो कोहराम मच गया। शहीद की पत्नी तो पति का चेहरा निहारने के बाद ही बेहोश हो गई। उसे परिजनों ने बड़ी मुश्किल से संभाला। इस बीच आंखों से आंसू बहाता राय सिंह का छोटा बेटा पारस रूंधे गले से बोला कि फौज में भर्ती होकर पिता की मौत का बदला लूंगा।
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