त्योहारी सीजन में फर्जीवाड़ा बढ़ता जा रहा है। एक तरफ जहां सेक्टर दो में एक व्यक्ति का क्रेडिट कार्ड बंद करने के नाम पर किसी ने डेढ़ लाख के करीब रुपये ठग लिए, वहीं दूसरी तरफ पीजीआई के डॉक्टर के फर्जी कागजात बनाकर तीन बार लोन लिया गया है। वहीं तीसरा मामला शिवाजी कॉलोनी थाने का है, जहां आरोप है कि फर्जी पार्टनरशिप डीड बनाकर लोन लिया गया है। उधर, एएसपी सांपला एवं साइबर क्राइम की नोडल अधिकारी मेधा भूषण ने आम लोगों को अलर्ट किया है कि साइबर ठग 5जी के नाम पर भी ठगी का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में सतर्क रहें।
फर्जी बैंक कर्मचारी बनकर करवाई ऐप डाउनलोड, निकाले डेढ़ लाख रुपये
पुलिस के मुताबिक सेक्टर तीन निवासी बीरेंद्र सिंह ने दी शिकायत में बताया कि उसका एसबीआई बैंक में खाता है। उसने क्रेडिट कार्ड बनवाया था, जिसे काफी समय से बंद करवाना चाहता था। 3 अक्तूबर को उसके पास एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि वह बैंककर्मी है और क्रेडिट कार्ड सर्विस देखता है। क्या आप क्रेडिट कार्ड बंद करवाना चाहते हैं। उसने कहा कि अभी प्रोसेस चल रहा है। उसने कहा कि ऑनलाइन प्रोसेस से कार्ड बंद कर देता हूं। इसके लिए क्विक स्पोर्ट एप्लीकेशन डाउनलोड करवाई। साथ ही एप्लीकेशन की आईडी भी पूछ ली। साथ ही प्रोसेस के बहाने क्रेडिट कार्ड व एसबीआई खाते की डिटेल भी ले ली। इसके बाद उसके क्रेडिट कार्ड से 96 हजार 209 व बैंक अकाउंट से 49 हजार 999 रुपये निकाल लिए।
पीजीआई में डॉक्टर के नाम पर लिया तीन बार में एक लाख का लोन, झारखंड से जुड़े तार
पीजीआई स्थित फोरेंसिक विभाग के डॉक्टर विनोद ने पीजीआई थाने में शिकायत दी है कि वह मूलरूप से कलानौर का करने वाला है। उसे सीबीएल स्कोर रिपोर्ट मिली। उसे पता चला कि उसके आधार कार्ड, पैन कार्ड व अन्य कागजात का दुरुपयोग करके तीन बार करीब एक लाख रुपये तक का लोन लिया गया है। जबकि उसने कभी लोन लिया ही नहीं। ये तीनों लोन झारखंड की राजधानी रांची के तीन अलग-अलग पते पर लिया गया है। इसके लिए जो कागजात लगाए गए हैं, वे फर्जी हैं। आधार कार्ड, पैन कार्ड व मोबाइल नंबर भी उसके नहीं हैं। उसका पत्ता फर्जी तरीके से प्रयोग किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
फर्जी पार्टनरशिप डीड पर लिया लोन
उधर, बोहर गांव की महिला रीना ने शिवाजी कॉलोनी थाने में शिकायत दी है कि पांच लोगों ने फर्जी पार्टनरशिप डीड बनाकर लोन लिया। जबकि उसने हस्ताक्षर भी नहीं किए। इस संबंध में शिवाजी कॉलोनी थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक महिला ने दी शिकायत में बताया कि वह एक आरोपी को जानती थी। वह दूसरे साथियों के साथ मिलकर कारोबार करता था। आरोपियों ने मिलकर एक फर्जी पार्टनरशिप डीड तैयार की और लोन ले लिया। जबकि उसे पता ही नहीं था। डीड पर हस्ताक्षर भी फर्जी हैं। पुलिस ने आरोपी देवेंद्र, मंजीत, विपिन, संजय, मयंक व नितेश सहित नोटरी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
5जी का झांसा देकर ठगी का प्रयास, सतर्क रहें नागरिक
साइबर ठग लोगों को 5जी नेटवर्क का झांसा देकर ठगी का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए मोबाइल का रिमोट अपने हाथ में लेकर खाते से पैसे निकालने का प्रयास किया जा रहा है। आम लोगों को सतर्क रहना होगा। सहायक पुलिस अधीक्षक सांपला मेधा भूषण ने इसके लिए एडवाइजरी जारी की है।
एएसपी ने बताया कि साइबर जागरूकता माह अभियान के तहत नए 5जी कॉलिंग घोटाले का प्रयास किया जा रहा है। ऑनलाइन ठगी करने वाले उपयोगकर्ताओं को मौजूदा नेटवर्क को 5जी नेटवर्क में स्थानांतरित करने का झांसा दे रहे हैं। इसके लिए वे उपभोक्ता को अपने मोबाइल की स्क्रीन शेयर करने या शेयरिंग एप डाउनलोड करने के लिए कह रहे हैं। ऐसा करने से उनको उपभोक्ता के मोबाइल का रिमोट मिल जाता है। इसके बाद वे खातों से पैसे निकाल लेते हैं। इस तरह की ठगी की सूचना तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या Cybercrime.gov.in पर या साइबर थाना रोहतक व नजदीकी पुलिस स्टेशन में स्थापित साइबर हेल्पलाइन डेस्क पर करें।