रोहतक। थाना आर्यनगर में एक महिला की शिकायत पर बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक, हेड कैशियर सीएसए, प्रबंधक और एसओए खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पीड़िता का आरोप है कि मां के देहांत होने के बाद बंद खाते को चालू कराया और उससे 3.60 लाख रुपये की निकासी की गई। साल-2019 से अब जाकर पीड़िता केस दर्ज करा पाई है।
रोहतक निवासी सुशीला कटारिया ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि पंजाब नेशनल बैंक सिविल लाइन में उनकी मां धन्नो देवी का खाता था। उसमें कुछ रुपये जमा थे और उनकी मां का देहांत साल 2016 में हो गया थाए लेकिन बैंक अधिकारियों ने उनकी मां धन्नो देवी के खाते को चालू कराने के लिए 26 मार्च 2019 को 100 रुपये डलवाए। इसके बाद 30 मार्च 2019 को दो लाख रुपये की निकासी कराई गई। इस वाउचर को बैंक अधिकारी विनोद कुमार खुराना और सुदर्शन कुमार पाहवा ने पास किया था। हालांकि सुदर्शन की अब मौत हो चुकी है। वहीं 16 अप्रैल को फिर 1.60 लाख रुपये निकाले गए। इसे प्रेम कुमार ढींगरा और सुदर्शन पाहवा ने वाउचर को पास किया था। इस पूरे खेल में तत्कालीन वरिष्ठ प्रबंधक सुदर्शन कुमार पाहवा, हेड कैशियर विनोद खुराना जो अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। प्रेम कुमार ढींगरा तत्कालीन सीएसए, अब शाखा कार्यालय शिक्षा भारती, रोहतक में तैनात है। तत्कालीन प्रबंधक रितु कांगड़ा अब शाखा कार्यालय आगरा लोहा मंडी में तैनात हैं और पांचवें आरोपी रामपाल आगरा एसओए है। आरोपियों ने वाउचर भी फाड़ दिए थे और कोई साक्ष्य भी नहीं छोड़ा था। थाना प्रभारी सुरेंद्र ने बताया कि शिकायत के आधार पर उक्त सभी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में कसे दर्ज किया गया है।