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4 घंटे की देरी से निशानदेही होने से दुकानदार परेशान

Tue, 10 Nov 2015 01:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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शहर में सभी पटाखा स्थलों पर समय पर स्टॉलों की निशानदेही नहीं होने से दुकानदारों ने नाराजगी जाहिर की।
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तीन दिन तक लगने वाले बाजार का पहला दिन शाम छह बजे तक नहीं सज सका। सोमवार को 4 घंटे की देरी से निशानदेही होने के बावजूद टेंट नहीं लग पाने के कारण दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

 
प्रशासन के आदेशानुसार 9 से 11 नवंबर तक शहर में चार स्थलों पर पटाखा बाजार लगना था। दुकानदारों के मुताबिक, सुबह 10 बजे यह बाजार शुरू होना था।

पर सेक्टर-6 का मैदान, पुराना आईटीआई ग्राउंड, पुराना बस स्टैंड और जाट कॉलेज में दोपहर 2 बजे तक भी पटाखा बाजार नहीं लग पाया।

वहीं, मौके पर मौजूद एक फायर बिग्रेड कर्मी ने बताया कि पुराना आईटीआई ग्राउंड पर पहले 40 स्टाल लगने थे, लेकिन लोगों ने सिफारिशें लगवाकर 113 स्टाल के लाइसेंस ले लिए, इसलिए निशानदेही करने में देरी हुई है। कुछ स्टालों की निशानदेही रहती है, बाकी जगहों पर टेंट लगाए जा रहे हैं।
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दोपहर के 2 बजे गए है। अभी तक स्टालों की निशानदेही प्रशासन द्वारा नहीं की गई है। उनके पास अपना सामान बेचने के लिए काफी कम समय है। प्रशासन की देरी की वजह से उनका कारोबार जरूर प्रभावित होगा।
- सुनील, पुराना हाऊसिंग बोर्ड, स्टॉल नंबर-35।

अमूमन 10 से 11 बजे के बीच निशानदेही हो जाती थी और टेंट भी लग जाते थे। मैं सुबह 11 बजे पुराना आईटीआई ग्राउंड में पहुंच गया था। चार घंटे से इंतजार कर रहा हूं और निशानदेही व टेंट का काम पूरा हो नहीं हुआ है।
- हन्नी, श्रीनगर कालोनी।

पहला दिन तो आधे से ज्यादा बीत चुका है। शाम के समय पटाखों की कितनी बिक्री हो पाएगी। टेंट वाले तो पूरे तीन दिन का किराया लेकर जाएंगे। लेकिन उन्हें लगता है कि पहला दिन तो बिना काम के और टेंट में बैठे ही चला जाएगा।
- मोनू, सैनीपुरा, स्टाल नंबर-83।

पटाखा बेचने के लिए सुबह ही ग्राउंड में पहुंच गए थे। पहले तो स्टॉल नंबर लेने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। उसके बाद टेंट लगने का इंतजार करना पड़ रहा है। सभी पटाखे गाड़ियों के अंदर डिब्बों में ही बंद पड़े है।
- नवीन, सांपला, स्टाल नंबर-12।

बॉक्स

10 से 15 फीसदी महंगे पटाखे
दुकानदार अमित ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस बार पटाखे 10 से 15 फीसदी तक महंगे हो गए हैं। वहीं, आवाज की तुलना में रोशनी वाले पटाखों की डिमांड है।
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ईको फ्रेंडली हैंड ग्रेनेड
दिवाली पर पटाखों के बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए आजकल लोग ईको फ्रैंडली पटाखों की तलाश करते हैं। ऐसे खरीदारों के लिए इस साल दिवाली पर हैंड ग्रेनेट बेहद खास है। पटाखा दुकानदार संजीव ने बताया कि यह पटाखा खासतौर पर बच्चों के लिए बनाया गया है। यह हैंडग्रेनेट के आकार में छोटा सा पाउच है। जिसके ऊपरी हिस्से को दबाने पर यह फूलकर बम का रूप ले लेता है। फिर, फेंकने पर यह फट जाता है। यह पटाखा 10 रुपये से 15 रुपये में बेचा जा रहा है। इसी के साथ फुलझड़ियों, चरखी, मुर्गी बम, अनार आदि है।
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