अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेश कुमार की अदालत ने ऑनर किलिंग के एक मामले में मृतका की दादी समेत परिवार के चार सदस्यों को दोषी ठहराते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है। सभी दोषियों को पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई गई है। जुर्माना न भरने पर दोषियों को छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी।
दो सितंबर 2010 को जनता कालोनी में रहने वाले मोखरा निवासी दीपक ने अपने ताऊ दयानंद, चचेरे भाई सुरेंद्र और दादी जीवनी के साथ मिलकर अपनी बहन रजनी की गला दबाकर हत्या कर दी थी। देर रात सभी शव को अंत्येष्टि के लिए मोखरा ले जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस को भनक लगी और पुलिस ने मौके पर पहुंच शव को अपने कब्जे में ले लिया।
परिजनों ने पुलिस को बताया था कि रजनी की मौत पेट में दर्द होने की वजह से हुई है लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि रजनी की मौत गला दबाने से हुई है। बताया जा रहा है कि परिजनों को रजनी के चरित्र पर शक था, जिसको लेकर उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से रजनी की हत्या की थी।
इस संबंध में शिवाजी कालोनी पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या व शव को खुर्द-बुर्द करने का मामला दर्ज किया था। मामला उसी दिन से अदालत में विचाराधीन था। मंगलवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेश कुमार ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बचाव पक्ष की अपील को खारिज करते हुए सभी आरोपियों को दोषी ठहराया। अदालत ने आरोपियों को उम्र कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर दोषियों को छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी।