कलानौर (रोहतक)। काहनौर में शुक्रवार को सरकारी स्कूल भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में भीड़ कम होने पर पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर भड़क गए। उन्होंने मंच से ही सरपंच और उनके पति को खरी-खोटी सुनाई। ग्रोवर ने कहा कि शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का गांव में बुलाकर अपमान किया गया है।
उन्होंने बताया कि गांव की करीब 9 हजार आबादी और 6500 वोट के बावजूद ग्रामीणों की भागीदारी कम रही। कार्यक्रम की सूचना दो दिन पहले ही दी गई थी। सरपंच ने ग्रामीणों को जानकारी नहीं दी जिससे शिक्षा मंत्री का अपमान हुआ। उन्होंने ऐसे सरपंचों को पहचानने की बात कही जो केवल काम निकलवाने और पैसे लेने के समय सामने आते हैं।
ग्रोवर ने राजनीतिक निष्ठा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जो जनप्रतिनिधि सरकार और संगठन की विचारधारा से ईमानदारी से जुड़े होंगे, उन्हें विकास कार्यों में प्राथमिकता मिलेगी। उन्होंने भाजपा से सिर्फ पैसे लेने और दिल से कांग्रेसी बने रहने वालों की पहचान करने को कहा।
ग्रोवर ने चेतावनी दी कि जो दिल से भाजपा के साथ नहीं हैं, उनके साथ उसी हिसाब से व्यवहार किया जाएगा। उन्होंने शिक्षा मंत्री और पार्टी संगठन से समन्वय के बिना औपचारिक कार्यक्रम कराने वालों से सतर्क रहने की अपील की। यह बयान दिनभर राजनीतिक गलियारों में चर्चा में रहा।
-
आयोजकों ने कार्यक्रम को सरकारी बताया था। ग्रामीणों को एकत्रित करने की कोई सूचना नहीं थी। पार्टी के कार्यक्रमों में सरपंच और ग्रामीण हमेशा भाग लेते हैं। हाल ही में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के कार्यक्रम में ग्राम पंचायत काहनौर की ओर से दो बसें भरकर ले जाई गई थीं। भविष्य में भी पार्टी की हर ड्यूटी को जिम्मेदारी से पूरी की जाएगी।
- निशा देवी, सरपंच, काहनौर