रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के पूर्व खेल निदेशक डॉ. आरपी गर्ग पर खेल निधि के दुरुपयोग का आरोप है। खिलाड़ियों के लिए खरीदी गई रिकम्बेंट एक्सरसाइज बाइक तत्कालीन कुलपति के कैंप कार्यालय में भेजने की शिकायत विवि प्रशासन एवं हरियाणा विजिलेंस विभाग को भेजी है।
आरटीआई कार्यकर्ता डॉ. जयपाल ने कुलपति, रजिस्ट्रार व विजिलेंस को यह शिकायत भेजी है। इधर, तत्कालीन खेल निदेशक डॉ. आरपी गर्ग ने आरोपों को बेबुनियाद व मनघड़ंत बताया है।
कहा गया है कि जनवरी 2025 में तत्कालीन निदेशक खेल विभाग ने विश्वविद्यालय के जिम में खिलाड़ियों एवं विद्यार्थियों की मांसपेशियों को मजबूत करने व कार्डियो एक्सरसाइज के लिए रिकम्बेंट एसरसाइज बाइक खरीदने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। संबंधित कार्यालय नोटिंग एवं रिकॉर्ड के अनुसार, यह स्पोर्ट्स मैटीरियल परमानेंट फंड से लगभग 50,000 रुपये से खरीदी गई थी।
इस बाइक को खरीदने के बाद 30 जनवरी 2025 को स्टॉक रजिस्टर में दर्ज किया गया। इसी दिन तत्कालीन खेल निदेशक आरपी गर्ग के निर्देश पर इसे कुलपति कैंप कार्यालय में भेज दिया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि खिलाड़ियों के कल्याण एवं खेल गतिविधियों के लिए खरीदा गया उपकरण खिलाड़ियों के उपयोग के बजाय कथित रूप से वीआईपी व निजी उपयोग के लिए स्थानांतरित कर दिया गया।
डॉ. जयपाल ने आरोप लगाया है कि यह मामला सार्वजनिक धन, खेल निधि एवं विश्वविद्यालय संसाधनों के दुरुपयोग, पद के दुरुपयोग व वित्तीय अनियमितता का है इसलिए तत्कालीन निदेशक खेल, तत्कालीन कुलपति व अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
शिकायत में कहा गया है कि मामले की उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच करवाई जाए। खरीद फाइल, स्टॉक रजिस्टर, मूवमेंट रजिस्टर एवं अनुमोदन रिकॉर्ड की जांच की जाए। दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर उनके विरुद्ध प्रशासनिक एवं आपराधिक कार्रवाई की जाए।
खेल निधि को हुए नुकसान की वसूली जिम्मेदार व्यक्तियों से की जाए। भविष्य में खेल निधि का उपयोग केवल खिलाड़ियों एवं छात्रों के हित में सुनिश्चित किया जाए।