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Rohtak News: पूर्व मेयर व भाजपा के 5 पार्षद आमने-सामने, सीएम तक पहुंचा मामला

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रोहतक। पुराने बस स्टैंड के नजदीक अरबों रुपये की जमीन के कब्जे को लेकर नगर निगम के पूर्व मेयर मनमोहन गोयल व भाजपा के पांच पार्षद आमने-सामने आ गए हैं। पांचों पार्षदों के हस्ताक्षर युक्त मांगपत्र शनिवार को मुख्यमंत्री नायब सैनी को सौंपकर जमीन का कब्जा निगम को दिलवाने की मांग की गई, जबकि पूर्व मेयर मनमोहन गोयल का कहना है कि जमीन प्राचीन रामलीला सोसाइटी की है। जिला अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
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रिकाॅर्ड के अनुसार, पुराने बस स्टैंड के नजदीक 23 बीघा 4 बिसवा जमीन है, जो रिकाॅर्ड के अंदर 1967 से कलेक्टर के नाम है। 2010 में प्रदेश सरकार ने नगर परिषद को भंग करके नगर निगम का दर्जा दे दिया था। सरकार ने नोटिफिकेशन जारी किया था कि निगम क्षेत्र में जो भी शामलात जमीन है, वह नगर निगम के नाम होगी। 2013 में श्रीराम ट्रस्ट व प्राचीन रामलीला सोसाइटी के नियंत्रण वाली 23 बीघा 4 बिसवा जमीन नगर निगम के नाम हो गई।
ट्रस्ट व सोसाइटी की तरफ से 2016 में अदालत में याचिका दायर कर जमीन पर मालिकाना हक जताया गया। तर्क दिया कि 150 साल से जमीन पर ट्रस्ट का कब्जा है। 1967-68 में गलत रिकाॅर्ड चढ़ाया गया है। 2023 में सीजेएम दीप्ति ने श्रीराम ट्रस्ट एवं रामलीला सोसाइटी की अर्जी खारिज कर दी थी। सोसाइटी ने सेशन कोर्ट में निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी, जिसे जुलाई 2024 में सेशन कोर्ट ने भी खारिज कर दिया था। अब सोसाइटी ने हाईकोर्ट में अपील की है।
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मांग पत्र पर 14 में पांच पार्षदों के हस्ताक्षर व मुहर
नगर निगम में 22 में भाजपा के 14 पार्षद हैं। इनमें से पांच पार्षद नीरा भटनागर, डिंपल जैन, सुशील नांदल, बेबी रानी रोहिल्ला व अनिता मिगलानी के हस्ताक्षर व मुहर लगा पत्र मुख्यमंत्री नायब सैनी को सौंपा गया है। पत्र में लिखा गया है कि पुराने बस स्टैंड के पास जमीन नगर निगम की है। कई साल से इस भूमि पर कब्जा किया हुआ है। 2024 में अदालत का फैसला भी नगर निगम के पक्ष में आ चुका है। पूर्व मेयर मनमोहन गोयल की सहायता से जमीन का कब्जा नहीं छोड़ा जा रहा है। हस्तक्षेप करते हुए इस अरबों कीमत की जमीन का कब्जा नगर निगम को दिलवाया जाए।
महिला पार्षद शनिवार को मुख्यमंत्री से मिले और जमीन का कब्जा दिलाने के लिए मांग पत्र सौंपा गया है। प्रभाव का इस्तेमाल करके कब्जा नहीं दिया जा रहा है।
- नरोतामल भटनागर, पार्षद प्रतिनिधि वार्ड 6
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प्राचीन रामलीला सोसाइटी की जमीन है। स्थानीय अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। वहां अभी केस का निर्णय नहीं आया है। उनके ऊपर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।
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- मनमोहन गोयल, पूर्व मेयर नगर निगम
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