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पूर्व उपराज्यपाल चंद्रावती चारपाई से गिरी, कूल्हे की हड्डी टूटी

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कोरोना के संक्रमण काल में प्रदेश को सबसे अधिक उम्मीद भले ही पीजीआईएमएस से हो, लेकिन यहां कि स्थिति दावों से बिल्कुल अलग है। आम आदमी तो दूर यहां पूर्व उप राज्यपाल को भी उपचार के लिए इंतजार करना पड़ा। शुक्रवार रात करीब 9 बजे संस्थान के आपात विभाग में पूर्व उप राज्यपाल 92 वर्षीय चंद्रावती कूल्हे और पैर में लगी चोट के उपचार के लिए पीजीआई पहुंचीं थी। इस दौरान वे दर्द से कराहते हुए करीब दो घंटे तक स्ट्रेचर पर ही पड़ी रही। इस दौरान किसी का भी उनकी ओर ध्यान नहीं गया। काफी देर के बाद एक जूनियर डॉक्टर आया, तब जाकर उपचार शुरू हुआ। जबकि प्रोटोकॉल के तहत उनके उपचार पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता थी।
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पूर्व उप राज्यपाल की बहन की बेटी के बेटे जगजीत ने बताया कि शुक्रवार दिन में वे चारपाई से गिर गई थी। इसके बाद करीब चार बजे वे चरखी दादरी से रोहतक पीजीआई पहुंचे। इस दौरान उन्हें प्राथमिक उपचार मिला लेकिन वीवीआईपी कमरा नहीं मिलने से उन्हें इंतजार करना पड़ा। इस दौरान वहां मौजूद स्टाफ ने बताया कि कोरोना संक्रमणकाल में सभी वीआईपी कमरे पहले से रिजर्व हैं। कमरा नहीं मिलने पर रात करीब 9 बजे वे शहर के एक निजी अस्पताल में मरीज को लेकर पहुंचे जहां उसका उपचार चल रहा है। छात्र नेता एवं इनसो प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप देसवाल ने पूर्व उप राज्यपाल के दर्द को अपनी सोशल मीडिया के माध्यम से साझा किया। उन्होंने अपनी पोस्ट पर लिखा कि शुक्रवार को पीजीआईएमएस में किसी मरीज को सहायता की जरूरत थी, उसकी कॉल आई तो वह आपातकाल विभाग में चले गए। वहां उन्होंने एक बुजुर्ग महिला को स्ट्रेचर पर देखा। उनका सहयोगी कार्ड बनवाने के लिए इधर-उधर जा रहा था। कुछ समय बाद जब कार्ड बनवाकर वह आया तो भी इलाज शुरू नहीं हुआ, काफी इंतजार के बाद वह सहयोगी सीएमओ कार्यालय गया। लेकिन वहां भी बात नहीं बनी। फिर उसने एक जूनियर डॉक्टर से आग्रह किया, जो उसका साथी था तब उपचार शुरू हुआ। डॉक्टर ने उम्मीद जताई कि बुजुर्ग महिला के कूल्हे की हड्डी टूटी हुई है। प्राथमिक इलाज के बाद महिला को दर्द में राहत मिली।
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परिचय
- भिवानी से हरियाणा की पहली महिला सांसद रही (1977)
- हरियाणा विधानसभा की पहली महिला विधायक
- हरियाणा की पहली महिला अधिवक्ता
- दो बार (1964-66, 1972-74) मंत्री
- 1982-85 में विपक्ष की नेता
- फरवरी 1990 से दिसंबर 1990 तक पुडुचेरी की उप राज्यपाल
- 1977-79 जनता पार्टी की अध्यक्ष
मामला संज्ञान में नहीं है। इस संबंध में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर से बात करेंगे, ऐसा क्यों हुआ।
- डॉ. संदीप, प्रभारी आपात विभाग, पीजीआईएमएस।
कहां चूक हुई है, इसकी जानकारी ली जाएगी। फिलहाल मरीज सही है, उन्हें आराम है।
- डॉ. वरुण अरोड़ा, जनसंपर्क अधिकारी, पीजीआईएमएस रोहतक।
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