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Rohtak News: रोहतक में दो वर्षों में 4.28 प्रतिशत घटा वन क्षेत्र

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04सीटीके47... पिछले दिनों मदवि में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय द्वारा लगाए गए पौधे जो इस समय हरे
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रोहतक। हरे-भरे हरियाणा में हरियाली घट रही है। पिछले दो वर्षों में रोहतक में 4.28 प्रतिशत वन क्षेत्र घटा है। इसकी मुख्य वजह तेजी से बढ़ता शहरीकरण है। इसके चलते वन क्षेत्र या हरियाली पर तेजी से कुल्हाड़ी चली है। वहीं, वन विभाग ने किसानों की जमीन पर खेती की दृष्टि से उगाए गए सफेदे के पेड़ों की कटाई किए जाने का तर्क दिया है। सफेदे से पिछले कुछ वर्षों में अच्छी आमदनी नहीं होने के कारण किसानों ने सफेदे लगाने से परहेज बरता है।
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पर्यावरणीय ढांचा तेजी से बदल रहा है। वन क्षेत्र घटने से पर्यावरण पर सीधा असर पर पड़ रहा है। यही वजह है कि कहीं बाढ़ आ रही है तो कहीं बारिश अनियमित होती जा रही है। कहीं सूखे की स्थिति है तो कहीं अत्यधिक बारिश से हालात बिगड़ रहे हैं। वन विभाग के आंकड़ों में 13.18 प्रतिशत खुला जंगल व 1.36 प्रतिशत घना जंगल है। प्रदेश में करीब 6.80 फीसदी जमीन पर ही वन है, जबकि डेढ़ दशक पहले यह क्षेत्र 10 फीसदी था। बिगड़ते पर्यावरण को संतुलित करने के लिए पौधरोपण ही एकमात्र उपाय है।


जिले के घटते वन क्षेत्र के लिए सफेदे की खेती को बड़ी वजह माना जा रहा है। पांच साल में तैयार होने वाली इस खेती में पिछले कुछ वर्षों में दाम कम होने से किसानों का रुझान कम हुआ है। इसके चलते करीब 100 हेक्टेयर से काटे गए सफेदे की जगह नए पौधे नहीं लगाए गए। इसके लिए किसानों को सांगवान के पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया जा सकता था।
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- अजय हुड्डा, पर्यावरणविद।

अमरूद व स्टीविया के पौधे खा गई दीमक
एमडीयू परिसर में राज्यपाल बंडारु दत्तात्रेय का लगाया पौधा अच्छे से फल फूल रहा है। इसकी यहां पूरी देखभाल हो रही है, जबकि वन विभाग की ओर से शहर के जींद बाईपास पर पिछले वर्ष करीब तीन एकड़ भूमि पर लगाए गए 10 हजार पौधों में लगभग आधे नष्ट हो गए। विभाग का तर्क है कि 80 प्रतिशत पौधे जिंदा हैं। शेष को दीमक खा गई। इसमें अमरूद व स्टीविया के पौधे शामिल हैं। विभाग इनमें समय पर पानी व दवा डालता तो शत प्रतिशत पौधों के जिंदा रहने की संभावना थी।


वन क्षेत्र घटा नहीं है। यह कुछ बढ़ा जरूर है। निजी जमीन खासकर किसानों की जमीन पर उगे पेड़ों की कटाई वन क्षेत्र को जरूर प्रभावित कर रही है। खेती के लिए उगाए गए सफेदे के पेड़ काटने के बाद किसानों ने इनकी जगह नए पौधे नहीं लगाए। इस कारण कुल वन क्षेत्र कम नजर आ रहा है। शहर में भी लोग अपने आंगन व घर के बाहर पेड़ काट रहे हैं। वन क्षेत्र में विभाग पौधरोपण अभियान के तहत हर वर्ष लाखों पौधे लगा रहा है। इस वर्ष भी साढ़े तीन लाख से अधिक पौधे लगाए जाने हैं।
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- सुभाष चंद्र कालरा, रेंज अधिकारी, वन विभाग।

04सीटीके47... पिछले दिनों मदवि में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय द्वारा लगाए गए पौधे जो इस समय हरे

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