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Rohtak News: प्रदेश में पहली बार प्राइवेट जेट से हार्ट दिल्ली पहुंचा, दो किडनी, लिवर व पैंक्रियाज से चार लोगों को जीवन मिला

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12-पीजीआई में सेना ​अ​धिकारियों के साथ कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल, निदेशक डॉ. एसके सिंघल व अन्य। स
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रोहतक। पंचकूला के चंडी मंदिर में स्थित कमांड अस्पताल में शनिवार को ब्रेन डेड घोषित हुईं लेफ्टिनेंट कर्नल हीरा सिंह की पत्नी सुदेशना सिंह (40) ने अंगदान कर चार लोगों को नया जीवन दिया है। प्रदेश में पहली बार पंचकूला स्थित सेना के कमांड अस्पताल चंडी मंदिर से हृदय दान हुआ है।
सेना व स्टेट ऑर्गन ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (सोटो) हरियाणा के समन्वय से अंग एयरलिफ्ट भी किए गए। हरियाणा पुलिस ने तीन राज्यों में ग्रीन कॉरिडोर बनाकर समय से अंगों को पहुंचाने में सहयोग दिया। कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल ने रविवार को पीजीआई में सैन्य अधिकारियों के साथ इसकी जानकारी दी।
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उन्होंने बताया कि कमांड अस्पताल चंडी मंदिर में भर्ती सैन्य अधिकारी की पत्नी को डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया। इस स्थिति में परिवार ने निर्णय लिया कि पत्नी ने हमेशा देश के लिए जीना सीखा, अब जाते-जाते भी वह देश की सेवा करेगी। वे अंगदान के लिए तैयार हो गए।
स्टेट ऑर्गन ट्रांसप्लांट ऑॅर्गेनाइजेशन हरियाणा टीम के नोडल अधिकारी डॉ. सुखबीर सिंह, ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर दीप्ति, मीडिया सलाहकार राजेश की टीम सूचना मिलने पर सक्रिय हुई। अधिकारी की पत्नी के हृदय, लीवर, दो किडनी व पैंक्रियाज को रिकवर किया गया।
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हृदय को प्राइवेट जेट से दिल्ली पहुंचाया
हृदय को मोहाली एयपोर्ट के रास्ते अपोलो अस्पताल दिल्ली प्राइवेट जेट से भेजा गया। लीवर को सेना ने हेलिकॉप्टर से आरआर अस्पताल दिल्ली पहुंचाया गया। एक किडनी कमांड अस्पताल चंडी मंदिर पंचकूला में ही सेना से जुड़े मरीज को प्रत्यारोपित की गई। दूसरी किडनी व पैंक्रियाज पीजीआई चंडीगढ़ को मिली।

डीजीपी अजय सिंघल का भी सहयोग रहा
अंगदान में डीजीपी हरियाणा अजय सिंघल ने पंजाब, चंडीगढ़ व हरियाणा पुलिस के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर तीन ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण कराया। सायरन के साथ एंबुलेंस, पुलिस पायलट व ट्रैफिक फ्री रास्तों से अंगों को कुछ मिनटों में मंजिल तक पहुंचाया गया।

सेना व उनका परिवार देश के लिए जो कर सकता है उसका कोई मुकाबला नहीं। परिवार ने अपनी मां व पत्नी को खोकर भी चार परिवारों में खुशी लौटाने का काम किया है। वेस्टर्न आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र पाल सिंह और कमांड हॉस्पिटल चंडी मंदिर के डॉ. अनुराग का आभार। -डॉ. एचके अग्रवाल, कुलपति, स्वास्थ्य विज्ञान विवि रोहतक

एक अधिकारी की पत्नी का शरीर मिट्टी में मिल सकता था लेकिन उनके अंग आज चार घरों में जीवन दे रहे हैं। यह संदेश हर नागरिक तक जाना चाहिए कि अंगदान से बड़ा कोई पुण्य नहीं। -डॉ. एसके सिंघल, निदेशक, पीजीआई
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सेना अधिकारी व सोटो की टीम ने 24 घंटे में अभियान सफल किया। हृदय का दान हरियाणा के लिए पहला है। हृदय को चार घंटे के अंदर प्रत्यारोपित करना होता है। जेट व ग्रीन कॉरिडोर ने संभव किया। लीवर के लिए भी 12 घंटे की सीमा होती है। -डॉ. सुखबीर सिंह, नोडल अधिकारी, सोटो हरियाणा
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ये बोले सैन्य अधिकारी
सेना से ब्रिगेडियर डॉ. पवन ढुल व चीफ ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर कर्नल डॉ. अनुराग गर्ग ने कहा कि सेना व सिविल प्रशासन का यह संयुक्त अभियान ऑपरेशन जीवन से कम नहीं था। सेना के डॉक्टरों ने कर्नल परिवार को काउंसिलिंग दी। परिवार ने सहमति दी तो अंग रिकवरी का समय तय हुआ। जवान सीमा पर जान देते हैं। अब वक्त है कि हम जीवन देकर भी मिसाल बनें।
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पति से बातचीत
सुदेशना सिंह के पति लेफ्टिनेंट कर्नल हीरा सिंह ने कहा कि दोनों बेटियों नायशा सिंह व माहिरा सिंह ने मुझे अंगदान के लिए प्रेरित किया। पत्नी के दिमाग की नस फट गई थी। कमांड अस्पताल भर्ती कराया, यहां ब्रेन डेड घोषित कर दिया।
वर्जन
सेना के अफसर की पत्नी ने जाते-जाते भी देश को जीवन दे दिया। यह केवल अंगदान नहीं, बल्कि नारी शक्ति व कर्तव्य का सबसे बड़ा उदाहरण है। सैन्य अधिकारी की बेटियों ने दुख की घड़ी में जो साहस दिखाया, वह हर घर की बेटी के लिए प्रेरणा है। बेटियां, बहनें व माताएंं भी अंगदान का संकल्प लें। -आरती सिंह राव, स्वास्थ्य मंत्री, हरियाणा
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12-पीजीआई में सेना अधिकारियों के साथ कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल, निदेशक डॉ. एसके सिंघल व अन्य। स

12-पीजीआई में सेना अधिकारियों के साथ कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल, निदेशक डॉ. एसके सिंघल व अन्य। स

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