रोहतक। दो दिन चले सीईटी (कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट) रविवार को संपन्न हो गया। इसमें कई रंग देखने को मिले। रोहतक में छोटूराम चौक के नजदीक मस्तनाथ पब्लिक स्कूल में रेवाड़ी से परीक्षा देने आई प्रिया ने बताया कि 10 दिन पहले ही वह बेटे की मां बनी है।
गर्भवती होने के कारण परीक्षा की तैयारी में परेशानी तो हुई लेकिन हिम्मत बनाए रखी। उसने पहले ही परीक्षा की तैयारी कर ली थी। सुबह बहन के साथ रोहतक परीक्षा देने आई। नवजात बेटे को बहन को सौंपकर परीक्षा दी। परीक्षा के दौरान नवजात बेटे की याद आती रही।
बहन ने दिया पेपर, मामा ने संभाला 10 माह का भानजा
भिवानी से बहन के साथ आए साहिल ने बताया गौड़ ब्राह्मण सीनियर सेकेंडरी स्कूल में सुबह के सत्र में बहन का सीईटी था। करीब 8:30 बजे बहन परीक्षा देने चली गई। 10 माह के भानजे को उसने ही दोपहर 12 बजे तक संभाला। मामा होने के चलते बहन के लिए अपना फर्ज निभाया।
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क्लर्क हूं, पटवारी या ग्राम सचिव बनने के लिए दी परीक्षा
भिवानी के जाट लुहारी गांव निवासी हनुमान सिंह ने बताया कि वह हिसार में क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं। सीईटी की परीक्षा पास करके पटवारी, ग्राम सचिव या फूड इंस्पेक्टर तक बन सकता हूं इसलिए परीक्षा देने रोहतक आया हूं। हिंदी, अंग्रेजी व गणित के सवाल आसान थे लेकिन सामान्य ज्ञान के सवाल घुमाकर पूछे गए थे।
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कति जमा बढि़या पेपर आया
मस्तनाथ स्कूल में सुबह के सत्र में परीक्षा देकर आए भिवानी के युवक विवेक ने हरियाणवी लहजे में कहा, कति जमा बढि़या पेपर आया हुआ था। सरकार की व्यवस्था ठीक रही। हालांकि, वह तो बाइक पर दोस्त के साथ आया था। वहीं, भिवानी से आई कमलेश बोली-वह प्राइवेट टीचर हैं। अब सरकारी नौकरी के लिए मेहनत कर रही हूं। इसके अलावा, फरीदाबाद से आई रीना यादव ने कहा कि सरकार ने अच्छी व्यवस्था की थी। हालांकि वह बस से नहीं, कार से आई है। रोड पर कई जगह जाम की स्थिति रही।
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पुलिस ने कहा है अब बस नहीं आएगी, ऑटो में जाओ
भिवानी से आए श्रीभगवान ने कहा कि उसके परिवार से दो बेटी पेपर देने मस्तनाथ स्कूल में बने परीक्षा केंद्र पर आई हैं। अब बस नहीं मिल रही है। एक पुलिसकर्मी से पूछा तो कह रहा है कि अब बस नहीं आएगी इसलिए ऑटो में बैठकर राजीव गांधी स्टेडियम जा रहे हैं।
परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। यातायात व्यवस्था भी दुरुस्त रही। रोहतक में ज्यादातर भिवानी से अभ्यर्थी आए थे। कई परीक्षा केंद्रों पर ज्यादा सख्ती की बात सामने आई लेकिन वहां हिदायत दे दी गई कि नियमों के दायरे में ही कदम उठाएं। दुपट्टा उतरवाने का भी मामला सामने आया है।
- धर्मेंद्र सिंह, डीसी रोहतक
परीक्षा देने रोहतक आई रेवाड़ी निवासी प्रिया। दस दिन पहले ही बेटे को जन्म दिया। संवाद
परीक्षा देने रोहतक आई रेवाड़ी निवासी प्रिया। दस दिन पहले ही बेटे को जन्म दिया। संवाद
परीक्षा देने रोहतक आई रेवाड़ी निवासी प्रिया। दस दिन पहले ही बेटे को जन्म दिया। संवाद
परीक्षा देने रोहतक आई रेवाड़ी निवासी प्रिया। दस दिन पहले ही बेटे को जन्म दिया। संवाद