एमडीयू के हास्टल में स्टूडेंट्स के खाने पर संकट आ गया है। कुछ शरारती तत्वों ने बृहस्पतिवार शाम को हॉस्टल नंबर नौ (माउंट आबू हॉस्टल) में खाना लूट लिया। वे करीब 170 छात्रों का खाना लूटकर ले गए। हॉस्टल में रह रहे विद्यार्थी खाने को तरसते रहे।
वहीं, हॉस्टल में खाना पकाने के लिए गैस भी खर्च होने वाली है। हालात यूं ही रहे तो शनिवार को मिट्टी के चूल्हे पर खाना पकाना पड़ेगा। सबसे ज्यादा संकट एमडीयू के हॉस्टलों में रह रहीं छात्राओं के सामने है। वे हॉस्टल के बाहर नहीं निकल पा रही हैं, आटा खत्म होने से उन्हें बृहस्पतिवार को दिन में केवल चावल परोसे गए।
एमडीयू में हालात बेकाबू हो गए हैं। कुछ उपद्रवी युवाओं ने लाइब्रेरी सहित क्लासें तो एक दिन पहले ही बंद करवा दी थीं। अब खाना लूटना भी शुरू कर दिया। उपद्रवी युवा बृहस्पतिवार शाम को माउंट आबू हॉस्टल हास्टल में घुस आए और वहां बना करीब 170 छात्रों का खाना लूट ले गए। हॉस्टल में रह रहे विद्यार्थी देखते रहे और उनका खाना कुछ असामाजिक तत्व उठा ले गए।
आज खत्म हो जाएगी गैसएमडीयू के हॉस्टल में शुक्रवार शाम तक के लिए ही गैस बची है। इसके बाद खाना पकाना मुश्किल होगा। हालात से निपटने के लिए हॉस्टल में मिट्टी के चूल्हे बनाए गए हैं। विवि प्रशासन ने परिजनों को छात्रों की सुरक्षा का आश्वासन दिया है। सुरक्षा के मद्देनजर गार्ड बढ़ाए गए हैं। आंदोलन चलने तक छात्रों को छुट्टी नहीं दी जाएगी।
संकट में फंसी छात्राएं, खाने पड़े चावलएमडीयू के दस हास्टलों में करीब 2500 छात्राएं रह रही हैं। सूत्रों की मानें तो बृहस्पतिवार को आटा खत्म होने के कारण छात्राओं को केवल चावल परोसे गए। दोपहर को जैसे-तैसे छात्राओं ने पेट भरा। कैंपस में विवाद को देखते हुए वे बाहर नहीं जा सकतीं हैं। हॉस्टल में दूध और केले के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं।
वीसी प्रो. बिजेंद्र पूनिया बोलेयदि आंदोलनकारियों ने यूनिवर्सिटी की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सुरक्षा गार्ड बढ़ाए गए हैं। बृहस्पतिवार को कुछ विभागों में ही कक्षाएं चल सकी हैं हालांकि स्टूडेंट्स की संख्या रही कम।