सहायक कर्मियों के ग्रेड-पे संबंधी आदेश पर एमडीयू प्रशासन को पांच दिन बाद बैकफुट पर आना पड़ा। कर्मचारियों के लगातार विरोध के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सोमवार दोपहर पे ग्रेड घटाने का आदेश वापस ले लिया। कर्मचारियों को इसके लिए लिखित में पत्र भी दिया गया। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पे ग्रेड घटाने के पीछे कोर्ट में चल रहे केस का हवाला दिया है।
बता दें कि एमडीयू प्रशासन ने 16-17 अगस्त को सहायक कर्मचारियों का पे ग्रेड 3600 से घटाकर 3200 कर दिया था। पे ग्रेड कम होने का पत्र जारी होते ही कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी। शनिवार और रविवार अवकाश के बाद सोमवार को यूनिवर्सिटी खुलते ही गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के प्रधान रणधीर कटारिया के नेतृत्व में कर्मियों ने फिर से हड़ताल कर दी। परीक्षा सदन के सामने गेट मीटिंग की गई।
कर्मियों ने एकजुट होकर कहा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन की मनमानी नहीं चलने देंगे। जब तक यह फैसला वापस नहीं होता, हड़ताल जारी रहेगी। विरोध उग्र होता देख यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पे ग्रेड कम करने का फैसला वापस ले लिया। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने तर्क दिया है कि जब तक मामला कोर्ट में विचाराधीन है, तब यह यथा स्थिति रहेगी। आदेश वापस होने के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म कर दी। इस मौके पर उपप्रधान निरंजन, प्रेम सजवाण, फूल कुमार बोहत, शांतिलाल, रामकुंवार धनखड़, सविता मलिक, रमेश लोरा और ताराचंद शर्मा मौजूद रहे।
सांकेतिक धरना रहेगा जारी
गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के प्रधान रणधीर कटारिया ने बताया कि आदेश वापस होने के बाद हड़ताल खत्म कर दी गई है। लेकिन सांकेतिक धरना जारी रहेगा। सांकेतिक धरना यूनिवर्सिटी से कॉलेज लिए जाने के मामले में चल रहा है। बीएड और इंजीनियरिंग कॉलेज को लेकर लिया गया फैसला सरकार को वापस लेना होगा। कर्मचारियों की अन्य कई मांगे हैं।
पे ग्रेड घटाने का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। फिलहाल इसे वापस ले लिया गया है। इसके लिए कर्मचारियों को लिखित में पत्र भी दे दिया गया है।
- जितेंद्र भारद्वाज, रजिस्ट्रार एमडीयू।