रोहतक। कोरोना से बचाव की उम्मीद का टीका आखिरकार शनिवार को लगना शुरू हो गया। पहले दिन 139 स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया गया। जबकि 200 की सूची बनाई गई थी। जिला अस्पताल में 110 और सीएचसी मदीना में 29 लोगों को कोविशिल्ड वैक्सीन की डोज लगाई गई। दोनों टीकाकरण केंद्रों पर 100-100 का लक्ष्य था, लेकिन स्टाफ की जागरूकता के अभाव में सूची में शामिल नामों के अलावा डॉक्टरों के सामने आने के बाद भी यह लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया। जिला अस्पताल में टीकाकरण के लिए जारी सूची की अनिवार्यता करीब तीन घंटे बाद हटते ही यहां 100 का लक्ष्य पार करते हुए 110 लोगों ने टीका लगवाया। वहीं सीएचसी मदीना में एसएमओ डॉ. जोगेंद्र सिंह ने स्वयं का टीकाकरण कराया, लेकिन वह अपने स्टाफ को पहले दिन टीकाकरण के लिए तैयार नहीं कर पाए। मदीना के स्टाफ ने पहले दिन सिर्फ 29 लोगों का ही टीकाकरण किया।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. अनिलजीत त्रेहान ने बताया कि वैक्सीन लगने के बाद किसी को कोई समस्या नहीं है। यह स्वास्थ्य के लिए सही है, इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने बताया कि पहले दिन जिला अस्पताल व सीएचसी मदीना में 100-100 लोगों को वैक्सीन लगाई जानी थी। बताया जा रहा है कि स्टाफ का कहना है कि वह सोमवार को टीकाकरण करवाएंगे, वह पहले शनिवार को टीका लगवाने वालों को देखेंगे। जिला अस्पताल की बात करें तो यहां भी विभाग की ओर से जारी लिस्ट के अनुसार दस प्रतिशत स्टाफ ने ही टीकाकरण करवाया। यहां अधिकारियों द्वारा छूट दिए जाने पर निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने देर सायं तक टीकाकरण कराया।
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परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. अनिल शर्मा ने लगवाया पहला टीका
कोविशिल्ड वैक्सीन की पहली डोज स्वास्थ्य विभाग में परिवार कल्याण के अधीक्षक अनिल शर्मा को दोपहर 12.18 बजे दी गई। हालांकि विभाग की टीकाकरण के लिए तैयार सूची का उस समय मजाक बन गया, जब सूची के अनुसार कोई देर तक टीकाकरण सेंटर पर नहीं आया। स्वास्थ्य विभाग के अनिल शर्मा के बाद एएनएम प्रीति ने जिला टीकाकरण अधिकारी एवं डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. अनिलजीत त्रेहान, आईएमए के प्रधान डॉ. जोगेंद्र, डॉ. मानव मोडा, सहायक सुरेश कुमार, डॉ. संगीता अरोड़ा, डॉ. परितेव को वैक्सीन लगाई। सभी को टीका लगाने के बाद आधा घंटा निगरानी कक्ष में रखा गया। आधे घंटे बाद जब किसी को कोई समस्या नहीं हुई तो उन्हें जाने की अनुमति दी गई।
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सूची के अनुुसार नहीं आया स्टाफ, एक बार शुरू हुआ तो लगी भीड़
स्वास्थ्य विभाग ने जो लिस्ट जारी की थी उसके अनुसार वह लोगों के आने का इंतजार कर रहे थे। जब सुबह तक अधिकांश लोग नहीं आए तो सुबह नौ बजे शुरू होने वाला अभियान सवा 12 बजे शुरू हो पाया। लेकिन सुबह के सत्र में जैसे ही दस लोगों को वैक्सीन लगी और सूचना फैलनी शुरू हुई तो अधिकारियों के पास टीकाकरण के लिए सिफारिशें भी आने लगीं।
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कोवैक्सीन पर था भरोसा, आ गई कोविशिल्ड
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े स्टाफ ने बताया कि उन्हें कोवैक्सीन पर भरोसा था, क्योंकि इसकी रिसर्च पीजीआईएमएस रोहतक में हुई थी। लेकिन जिले में कोविशिल्ड आई है। इसके बारे में किसी को पता नहीं है। बताया जा रहा है कि यह लाइव वैक्सीन है। वहीं सवाल उठाया गया कि यदि वैक्सीन सुरक्षित है तो पहले डॉक्टरों को वैक्सीन लगवानी थी।
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टीकाकरण में शामिल एक्सपर्ट टीम
सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. अनिलजीत त्रेहान, डॉ. केएल मलिक, डॉ. राजबीर सभ्भरवाल, डॉ. सत्यवान, डॉ. परितेव, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चंद्र, डॉ. जसबीर परमार, पूर्व सिविल सर्जन डॉ. शिव कुमार, डॉ. शैलेंद्र डोगरा, एसएमओ डॉ. जोगेंद्र सिंह, पंजीकरण पर कविता सिंधु आईए, सुरक्षा स्टाफ दीपक, डॉ. मंजू एमओ, प्रीति एएनएम, स्टाफ नर्स शीला, सुमन व संतोष अहलावत
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मदीना सीएचसी में 29 में से 12 महिलाओं ने कराया टीकाकरण
मदीना सीएचसी में कुल 29 लोगों का टीकाकरण किया गया। इसमें 19 महिला स्टाफ है। सबसे पहले अचला आशा वर्कर फिर अशोक, आजाद एमपीएचडब्ल्यू फिर दलेल व देवेंद्र ने टीकाकरण कराया है और सभी ठीक हैं। मदीना में डॉ. पुष्पा डेंटल सर्जन व स्टाफ नर्स गगन बाला ने भी टीकाकरण करवाकर स्टाफ का हौंसला बढ़ाया।
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बोले अधिकारी
टीकाकरण शुरू हो गया है, जिला अस्पताल में पहले दिन 110 व सीएचसी मदीना में 29 लोगों को वैक्सीन लगाई गई है और सभी ठीक हैं। हमने अपने कोरोना वॉरियरों को सम्मानित करने के लिए पहले जूनियर कर्मचारियों का नाम लिस्ट में डाला था। वैक्सीन तो सभी को लगनी है, जो कोविड में काम कर रहे हैं उनको वरीयता दी जा रही है। कहीं कोई समस्या नहीं है, सभी जारी गाइडलाइन के अनुसार वैक्सीन लगवाएंगे।
- डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन
जिला अस्पताल में शनिवार को सबसे पहले 12 बज कर 18 मिनट पर कोरोना वैक्सीन एएनएम प्रीति से लगवाते डॉ.अनि- फोटो : RohtakCity