फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पति से तलाक लिए बगैर दूसरी शादी कानूनी मान्य नहीं, अब दूसरे पर नहीं डाल सकती अपनी गलती

विज्ञापन
विज्ञापन
फ्लैग : पलवल के वकील पर रोहतक की युवती द्वारा दुष्कर्म के आरोप का मामला, कोर्ट ने फैसले में लिखा
विज्ञापन

हेडिंग : पति से तलाक लिए बगैर दूसरी शादी कानूनी मान्य नहीं, अब दूसरे पर नहीं डाल सकती अपनी गलती
- कोर्ट ने खारिज कर दिया था वकील व युवती के दो बच्चों का डीएनए टेस्ट कराने का निचली अदालत का आर्डर
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पलवल के वकील पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली युवती ने अपने पति से तलाक लिए बगैर दूसरी शादी की, जिसे कानूूनी तौर माना नहीं जा सकता है। अब अपनी गलती के लिए युवती आरोपी को दोषी नहीं ठहरा सकती। कोर्ट ने वकील व युवती के दो बच्चों का डीएनए टेस्ट का आर्डर खारिज करते हुए फैसले में यह टिप्पणी की है।
विज्ञापन

पुलिस रिकार्ड के मुताबिक रोहतक की युवती ने दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया था कि पलवल का एक युवक रोहतक में लॉ की पढ़ाई कर रहा था। वह भी मायके में रह रही थी। आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में शादी की, लेकिन उसके दो बच्चों को अपनाने से इंकार कर दिया। अदालत से आरोपी ने अग्रिम जमानत ले ली थी। पुलिस ने अदालत में आरोपी के डीएनए टेस्ट के लिए अर्जी लगाई थी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया था। आरोपी वकील ने एडीजे कोर्ट में रिवीजन याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने मंजूर करते हुए डीएनए टेस्ट के निचली अदालत द्वारा जारी आर्डर रद्द कर दिए। आरोपी के अधिवक्ता हर्षदेव शास्त्री ने बताया कि एडीजे कोर्ट ने अपने फैसले में लिखा है कि युवती के साथ दुष्कर्म नहीं हुआ। युवती की शादी पहले हो रखी थी, लेकिन युवती ने तलाक लिए बगैर आरोपी युवक से विवाह कर लिया। अब अपनी गलती के लिए आरोपी को दोषी नहीं ठहरा सकती।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें