महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट ऑफ होटल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट
के निदेशक डॉ. आशीष दहिया को सोमवार सुबह उनके कार्यालय में ही एक छात्र
वेदेंद्र ने गोलियां मारकर घायल कर दिया।
आरोपी छात्र रोल नंबर न
मिलने की वजह से गुस्से में था। डॉ. दहिया को एक गोली पेट में और एक जांघ
में लगी। उन्हें पीजीआई में भर्ती करवाया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बनी
हुई है। पुलिस ने शाम को गोहाना अड्डा के पास आरोपी को उसके घर से
गिरफ्तार कर केस दर्ज कर लिया।
सोमवार सुबह करीब 11 बजे एमडीयू में
डॉ. आशीष दहिया अपने कार्यालय में बैठे थे। इसी दौरान एक युवक आया और उसने
आफिस में घुसते ही डॉ. दहिया पर फायरिंग कर दी। इस दौरान दो गोलियां डॉ.
दहिया को लगीं और वे वहीं गिर गए। इसके बाद हमलावर वहां से बाइक पर फरार हो
गया। इधर, गोली की आवाज सुनकर स्टाफ के सदस्य मौके पर पहुंचे और उन्होंने
घायल निदेशक को पीजीआई में भर्ती कराया। घटना का पता चलते ही एसपी राजेश
दुग्गल भी पुलिस टीम के साथ पीजीआई पहुंचे।
वहीं एमडीयू और पीजीआई
के कुलपति भी आपातकालीन विभाग में डॉ. दहिया का हाल जानने पहुंच गए। पुलिस
टीम ने एमडीयू में घटनास्थल का मुआयना किया, जहां पुलिस को मैनेजमेंट के
छात्र वेदेंद्र का आई कार्ड मिला। अपराध जांच शाखा की टीम ने कुछ घंटे बाद
वेदेंद्र को गोहाना अड्डा के पास उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में
वेदेंद्र ने माना कि उसने ही निदेशक पर फायरिंग की है। पुलिस मंगलवार को
आरोपी को अदालत में पेश करेगी।
आरोपी छात्र ने री-अपीयर का देना था पेपर
जांच
में पता चला है कि वेदेंद्र को री-अपीयर के लिए पेपर देना था लेकिन उसे
रोल नंबर नहीं मिल रहा था। इस बारे में वह कई बार निदेशक से भी मिल चुका
था। सोमवार को भी वह रोल नंबर लेने के लिए निदेशक के पास पहुंचा लेकिन
निदेशक द्वारा रोल नंबर दिए जाने से इंकार करने पर उसने गुस्से में उन पर
गोलियां दाग दीं।
एमडीयू में सुरक्षा पर उठे सवाल
रोहतक।
एमडीयू में इंस्टीट्यूट ऑफ होटल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट के निदेशक डॉ. आशीष
दहिया पर सरेआम उनके कार्यालय में गोली चलाने की घटना से संस्थान की
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब 11 बजे छात्रों की भीड़ के
बावजूद आरोपी गोलियां चलाकर बाइक पर फरार हो गया और उसे कोई नहीं पकड़ सका।
अब प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के आदेश देकर ‘लकीर को पीटने’ का काम
कर रहा है।
हालांकि मदवि प्रशासन ने हमले की कड़ी निंदा की है।
एमडीयू के कुलपति एचएस चहल ने कहा कि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके
लिए प्रशासन कड़े कदम उठा रहा है। कुल सचिव डॉ. एसपी वत्स ने बताया कि
विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले में जिला पुलिस प्रशासन को पूरा सहयोग दे
रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में सुरक्षा चौकसी बढ़ा दी गई है।
विश्वविद्यालय परिसर में किसी अनाधिकृत वाहन को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
किसी प्रकार के असामाजिक तत्वों को और असामाजिक गतिविधियों की छूट नहीं दी
जाएगी।
वारदात के बाद बढ़ी चौकसी
फायरिंग के बाद एमडीयू
में हड़कंप मच गया। कुछ घंटे बाद आनन-फानन में एमडीयू के गेट बंद किए गए
और हर स्टूडेंट की चेकिंग के बाद उसे अंदर जाने दिया गया। यदि यह चौकसी
हररोज बरती जाए तो इस तरह की घटना पर विराम लगाया जा सकता है।
शिक्षण
संस्थान में फायरिंग का यह कोई पहला मामला नहीं है। कुरुक्षेत्र
यूनिवर्सिटी में भी लगभग दो साल पहले युवक की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई
थी।
एमडीयू में फायरिंग करने वाले छात्र वेदेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे मंगलवार को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।
- राजेश दुग्गल, एसपी, रोहतक