कोर्ट में पुलिस द्वारा ट्रेनी वकील की पिटाई का मामला तूल पकड़ गया है।
बार एसोसिएशन के सदस्यों ने फैसला किया कि जब तक मारपीट करने वाले पुलिसकर्मी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होती तब तक कोई भी वकील काम नहीं करेगा।
एफआईआर होने तक वर्क सस्पेंड रखा जाएगा। बता दें कि बृहस्पतिवार को कोर्ट बैरक में दो कैदियों का झगड़ा देखने पर पुलिसकर्मियों ने एक ट्रेनी वकील की धुनाई कर दी थी।
शुक्रवार को बार रूम में वकीलों की बैठक को संबोधित करते हुए बार प्रधान दीपक कुं डू ने कहा कि संबंधित पुलिस कर्मचारी पर केस दर्ज नहीं होने तक वर्क सस्पेंड कर दिया गया है।
मामले को लेकर बार सदस्यों की एसपी के साथ एक बैठक भी होने वाली थी, लेकिन सभी प्रशासनिक अधिकारी सीएम की विडियो कांफ्रे ंसिंग में व्यस्त रहे। इस कारण एसपी से बात नहीं हो सकी। बार एसोसिएशन की बैठक मे लिए गए फैसले के तुरंत बाद वर्क सस्पेंड कर दिया गया।
एसपी और एसएचओ को दी शिकायत
बार प्रधान दीपक कुं डू ने कहा कि घटना के बाद से अभी तक किसी भी पुलिस अधिकारी ने उनसे संपर्क नहीं किया है। बैठक में मौजूद वकीलों ने एक सुर में पुलिस प्रशासन की निंदा की। हालांकि बार एसोसिएशन की ओर से मारपीट के मामले में एसपी और सिविल लाइन थाना प्रभारी को शिकायत दी है।
फुटेज के आधार पर कार्रवाई
एसपी का कहना है कि कोर्ट परिसर से मिली सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उसी के आधार पर संबंधित पुलिस कर्मी पर केस दर्ज करने का फैसला लिया जाएगा। वहीं, जिला एवं सेशन जज के अवक ाश पर होने के कारण वकील उन्हें सीसीटीवी फुटेज हासिल करने संबंधी पत्र नहीं सौंप सके।